जिले के उन किसानों को जोर का झटका लगा है, जिन्होंने एक से अधिक शाखाओं से ऋण ले रखा है। योगी सरकार ने एक किसान का एक शाखा से लिए गए ऋण का सिर्फ एक लाख रुपये ही माफ करने का फैसला लिया है। अगर वह कई शाखाओं से ले रखा है, तो उसे अन्य शाखाओं का ऋण ब्याज सहित चुकता करना होगा। जिले के लगभग 11,256 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने एक से अधिक शाखाओं से ऋण ले रखा है।
जिले के 67,855 किसानों ने 246 शाखाओं से 541.40 लाख रुपये का ऋण लिया है। जिले के लगभग 11,256 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने बैंक शाखाओं को गुमराह करके एक से अधिक बैंकों से लोन ले रखा है। सरकार के कर्जमाफी की घोषणा होते ही वह इस बात से बेहद खुश थे, कि अब उनका कर्जा माफ हो जाएगा। मगर कर्जमाफी में एक नया पेच फंस गया है। अब एक किसान का एक ही बैंक से एक लाख का कर्जा माफ होगा। अगर किसान ने एक से अधिक बैंकों से ऋण ले रखा है, तो उसे ब्याज के साथ जमा करना होगा। अगर किसान इस गफलत में हैं कि सरकार को उनके इस खेल की जानकारी नहीं हो पाएगी, तो ऐसा सोचना गलत है। अब उन्हीं किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलेगा, जो अपना आधार नंबर को बैंक खाते से लिंकअप कराएंगे। अगर कोई किसान जानबूझकर अपना आधार फीड नहीं कराता है, तो उसे ऋणमाफी का लाभ तब तक नहीं मिलेगा, जब तक वह आधार की फीडिंग नहीं कराता है। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि किसानों ने चालाकी दिखाते हुए एक से अधिक बैंकों से ऋण प्राप्त कर लिया है। मगर उनका कर्जा सिर्फ एक शाखा का ही एक लाख ही माफ होगा।