गर्मी की वजह से ट्रेनों में रेल नीर की खपत बढ़ गई। वेंडर रेल नीर पानी नहीं मुहैया करा पा रहे हैं। एजेंसी ने भी पानी की आपूर्ति करने में असमर्थता जताई है। रेलवे ने 2024 तक अन्य ब्रांड के पानी को बेचने की छूट दे दी है।
रेलवे ने स्टेशन के साथ ही ट्रेनों के अधिकृत वेंडरों को रेल नीर पानी का विक्रय करने की अनुमति दे रखी है। गर्मी की वजह से रेल नीर पानी की आपूर्ति एजेंसी नहीं कर पा रही है। अबतक वेंडर चोरी छिपे दूसरे ब्रांड के पानी का विक्रय करते थे।
अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद अफसरों ने इसका संज्ञान लेते हुए आनन फानन में अन्य ब्रांड के पानी के विक्रय के लिए रेलवे बोर्ड ने अधिकृत आदेश जारी कर दिया।
सीएमआई नीरज सोमवंशी ने बताया कि रेलवे बोर्ड की ओर से आए आदेश में कहा गया है कि रेल नीर पानी की आपूर्ति एजेंसी नहीं कर पा रही है। ऐसे में वर्ष 2026 तक मानिया, किंगरायल, हेल्थप्लस और जोगियाल ब्रांड का पानी वेंडर बेच सकेंगे। इससे यात्रियों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इन ब्रांड के पानी को सैंपल लेकर जांच के लिए भी भेजा गया था। जांच में सैंपल पास हो गया है। पानी में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया, रेल नीर पानी विक्रय करने के लिए रेलवे ने आदेश दे रखा था। मगर रेल नीर पानी की आपूर्ति कंपनी नहीं कर पा रही है। इसके लिए कंपनी ने आपूर्ति न कर पाने की सूचना दे रखी है। सो चार अन्य ब्रांड के पानी को ट्रेनों के साथ स्टेशनों पर बेचने का निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रति बोतल 15 रुपये में विक्रय करने के लिए वेंडर को कहा गया है। इससे ज्यादा लेने पर यदि शिकायत आई तो वेंडर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।