गुरुवार को मानिकपुर पुलिस ने पंचनामा करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार को जब शव पोस्टमार्टम के बाद वापस परिजन लेकर आए तो परिजन सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों संग गांव के ही सड़क पर शव रख कर हंगामा करने लगे। हंगामे की खबर मिलते ही मानिकपुर थाना पुलिस, नवाबगंज थाना पुलिस, कुंडा पुलिस पीएसी के साथ गांव में पहुंच गई।
गांव में पहुंचे पुलिस से ग्रामीणों की झड़प होने लगी। हड़कंप की सूचना मिलते ही कुंडा एसडीएम सतीशचंद्र त्रिपाठी और कुंडा सीओ अजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे। घटना स्थल पर पहुंचने के बाद सभी ने परिजनों से बात कर शव का अंतिम संस्कार करने को कहा। पीड़िता के घर जन सत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा भैया के प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव, कुंडा ब्लाक प्रमुख संतोष सिंह व जिला पंचायत सदस्य विनोद पटेल भी पहुंच गए।
पीड़ित परिवार को शांत कर बात करने पर मृतक अनिल की पत्नी ने सभी के सामने दो मांग रखी। जिसमे जीवन यापन के साथ बच्चों की पढ़ाई, शादी विवाह के लिए 25 लाख रुपए और सुनीता को मानिकपुर पावर हाउस में सरकारी नौकरी दिलवाए जाने की मांग की। एसडीएम कुंडा सतीशचंद्र त्रिपाठी ने पीड़ित परिवार को विश्वास दिलाते हुए उनकी मांगों को शासन तक भेजने की बात कही उसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। अधिकारियों के मौजूदगी में ही परिजन और ग्रामीण शव का अन्तिम संस्कार करने के लिए मानिकपुर राज घाट चले गए।