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कौवों के बाद अब दादो बगुलों के मिले शव

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मानिकपुर के राजघाट पर पाया गया बगुले का शव। - फोटो : PRATAPGARH
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कौवों के बाद अब सोमवार को गंगा किनारे दो बगुलों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। बर्डफ्लू की आशंका से लोग परेशान हो गए। सूचना पर मानिकपुर के अतौलिया पशु अस्पताल के चिकित्सक ने उनका सैंपल लिया।
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मानिकपुर के राजघाट पर कुछ दिन पहले कुछ कौवे मरे पाए गए थे। इसकी जानकारी होने पर अतौलिया पशु अस्पताल के पशु चिकित्साधिकारी राकेश तिवारी ने कौवों का पोस्टमार्टम किया। किसी भी बीमारी के लक्षण नहीं पाए जाने पर मामला ठंडा हो गया। इसके बाद कालाकांकर के जाजूपुर में भी कौवे मृत पाए गए।
सोमवार को मानिकपुर के राजघाट पर दो बगुलों के शव मिले। इस पर ग्रामीणों में इसकी चर्चा फैल गई। लोगों ने इसकी सूचना पशु चिकित्साधिकारी राकेश तिवारी को दी। इस पर चिकित्साधिकारी ने मौके पर पहुंचकर बगुलों के शवों की जांच की। चिकित्साधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि कौवों की मौत नार्मल पाई गई थी। उनके शरीर पर चोटों के निशान थे।
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यह करंट या फिर पतंगबाजी के हो सकते हैं। बगुलों को भी देखा गया। लोगों ने बताया कि इन्हें किसी पक्षी ने चोट पहुंचाई और उसे वह खा रहा था। ऐसे में यहां किसी तरह की बीमारी होने की आशंका नहीं दिख रही है।
डाल्फिन के नहर में आने के कारणों की जांच कर रहा वन विभाग, संरक्षण के होंगे प्रयास
डाल्फिन मछली वर्षों बाद नहर में दिखी थी। हालांकि पहले बारिश के दौरान यह नदियों में दिखती थी। यह पानी में पलटती रहती है। इसके चलते ग्रामीण इलाके में इसे लोग पहचानते हैं, लेकिन मुंह बड़ा और जानवर की तरह होने के चलते उसे खतरनाक भी मानते हैं। इसी के चलते पहले तो इसे खतरनाक मानते हुए लोगों ने पीटा।
बाद में इसे मछली समझने के बाद धारदार हथियार से मार दिया था। यह अलग बात है कि वजन अधिक होने के चलते इसे वह ले नहीं जा पाए। फिलहाल वन विभाग इसके नहर में आने के कारणों की जांच कर रहा है। पूरी जांच के बाद उनके संरक्षण के भी प्रयास किए जाएंगे।
नवाबगंज के कोथरिया गांव के पास शारदा सहायक नहर में डाल्फिन को कुछ लोगों ने पानी कम हो जाने के चलते मार दिया था। इसमें वन विभाग ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीन लोगों को चिह्नित कर जेल भेज दिया। इसके बाद घटना का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें कई लोग डाल्फिन को पीटते दिख रहे हैं।
फिलहाल पुलिस इसमें शामिल सभी लोगों को चिह्नित कर चुकी है। उनकी तलाश हो रही है। उधर, वन विभाग नहर में डाल्फिन के आने के कारणों की जांच कर रहा है। डीएफओ वरुण सिंह ने घटना की जांच करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि डाल्फिन के नहर में आने की जांच की जा रही है।
करंट की चपेट में आने से गिद्ध घायल
थाना क्षेत्र के खरैला गांव में सोमवार को दिन में 11 बजे के करीब एक गिद्ध हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से घायल होकर नीचे गिर पड़ा। ग्रामीणों ने देखा तो हड़कंप मच गया। क्षेत्र में बर्ड फ्लू के भय को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। गांव के ही चंद्रदत्त शुक्ला ने इसकी जानकारी वन क्षेत्राधिकारी कुंडा को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने चिकित्सक डा. विपिन सोनकर को बुलाकर घायल गिद्ध का इलाज करवाया। वन विभाग की टीम ने गिद्ध की देखभाल एवं खानपान की व्यवस्था करवाई।
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