उमसभरी गर्मी की मार झेल रहे लोगों ने शनिवार को थोड़ी राहत महसूस की। आखिरकार 21 दिन बाद बादल मेहरबान हुए। कहीं रिमझिम फुहारें पड़ीं तो कहीं झमाझम बरसात हुई। तापमान लुढ़कने से मौसम सुहाना हो गया। लोगों ने घरों से बाहर निकलकर बारिश का आनंद लिया। हालांकि शहर में जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। अधिकतम तापमान 32.7 व न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।
मई माह में झमाझम बारिश हुई। इससे गर्मी का पता नहीं चला। 20 मई से 25 जून तक रुक-रुक कर बारिश का क्रम लगा रहा, मगर 25 जून के बाद से आसमान में सिर्फ बादलों की उमड़-घुमड़ होती रही। पश्चिमी हवाओं के असर से मौसम साफ हो गया। 21 दिन से बारिश न होने से गर्मी से लोगों का बुरा हो गया था।
शनिवार को भोर में ही आसमान को बादलों ने ढक लिया। सुबह सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। सुबह नौ बजे के बाद बादलों की उमड़-घुमड़ तेज हो गई और बूंदाबांदी होने लगी। शहर में सुबह 10 बजे के बाद बारिश शुरू हो गई। इससे जगह-जगह जलभराव हो गया। साप्ताहिक लॉकडाउन की वजह से शहर में दुकानें बंद रहीं, लेकिन सड़कों पर लोग चहलकदमी करते दिखे। जिलेभर में रुक-रुक कर बारिश हुई। कहीं फुहारे पड़ीं तो कहीं झमाझम बरसात हुई। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल गई।
बारिश से खिले किसानों के चेहरे
शनिवार को बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। यदि लगातार तीन से चार दिन तक बारिश का क्रम लगा रहा तो धान की रोपाई पूरी हो जाएगी। मौसम विभाग के विशेषज्ञ बारिश होने के आसार जता रहे हैं।
8.1 मिमी हुई बारिश
बारिश से तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। कुल 8.1 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम वैैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि अभी बारिश के आसार बने हुए हैं। तीन से चार दिन तक मौसम इसी तरह बना रहेगा।