साथियों पर एफआईआर के विरोध में अधिवक्ताओं ने सातवें दिन बुधवार को भी तहसील गेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। अधिवक्ताओं के लगातार प्रदर्शन करने के कारण वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार सात दिन से तहसील में कोई काम नहीं हो पा रहा है।
तहसील में एसडीएम के आने के बाद से अधिवक्ताओं के बीच पटरी नहीं बैठ पा रही थी। एसडीएम का कई बार घेराव करने के साथ ही प्रदर्शन किया गया। इसके बाद भी मामला नहीं सुलझा। सात दिन पहले अधिवक्ताओं ने एसडीएम का घेराव करते हुए उन्हेें चेंबर में रोक लिया था। एसडीएम मोहलाल गुप्ता ने इस मामले में तीन अधिवक्ताओं को नामजद करते हुए 12 अज्ञात पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया था।
इसके बाद अधिवक्ता तहसील में तालाबंदी करते हुए धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद अधिवक्ता लगातार धरने पर ही हैं। बुधवार को भी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील गेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान दीवानी के अधिवक्ताओं ने भी मौके पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। अधिवक्ता एसडीएम की कार्यशैली का विरोध करते हुए एफआईआर वापस करने की मांग कर रहे हैं।
साथ ही वह एसडीएम मोहनलाल गुप्ता के ट्रांसफर को लेकर अडिग हैं। फिलहाल इस प्रदर्शन के चलते तहसील में सारा कामकाज ठप है। इससे चलते वादकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन में कुलदीप सिंह यादव, मोनू ओझा, संजय कुमार पांडेय, केके सिंह, सुनील कुमार त्रिपाठी, श्याम कृष्ण पांडेय, अंजनी कुमार, अध्यक्ष प्रेमचंद शुक्ला, मनोज सिंह, गंगाधर द्विवेदी, हनुमान प्रसाद पांडेय, सोमनाथ मिश्रा, प्यारेलाल यादव, विजय तिवारी, सिद्धनाथ सरोज, शिवशंकर पांडेय, अवधेश पांडेय, दिनेश सिंह आदि मौजूद रहे।