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13 अफसरों का वेतन काटा

Mon, 18 May 2015 11:44 PM IST
ब्यूरो।अमर उजाला प्रतापगढ़
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शाम होते ही मुख्यालय छोड़ पड़ोसी जनपद भागने वाले अधिकारियों की पोल सोमवार को खुल गई। डीएम अमृत त्रिपाठी व सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने सुबह दस बजे विकास भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 13 अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। सभी का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है।
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निरीक्षण में जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, उपायुक्त श्रमरोजगार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मस्त्य, दुग्ध शाला विकास अधिकारी, एआर कोआपरेटिव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अभियंता लघु सिंचाई, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी और जिला युवा कल्याण अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। गैरहाजिर इन अधिकारियों का डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है। डीएम ने कहा है कि सुबह 9.30 बजे तक तीन बार जो अधिकारी अनुपस्थित मिला उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।


अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित मिले जिला पंचायत राज अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी की तारीफ की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पत्रवाहक ओम प्रकाश पांडेय जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, जिलायुवा कल्याण विभाग के रामनाथ यादव, अपरसंख्या अधिकारी मनोज कुमार, गणेश कुमार सिंह, रंजीत कुमार, जीप चालक हरिशंकर, दिनेश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के राज कुमार दूबे व दीपक शर्मा, अवधेश प्रताप सिंह, अल्पसंख्यक कार्यालय के जावेद अख्तर, ग्रामीण अभियंत्रण कार्यालय के मनीराम, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी सूर्यनारायण दफ्तर देर से पहुंचे। इन कर्मचारियों को सीडीओ ने चेतावनी देते हुए समय से कार्यालय आने का निर्देश दिया है। कहा कि आगे उनकी इस तरह की लापरवाही पाई गई तो वे उनके निलंबन की कार्रवाई करेंगे।
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अफसरों के देर से कार्यालय आने की डीएम ने एक खास वजह बताई है। जिलाधिकारी के मुताबिक, यहां तैनात कई अधिकारियों ने अपना आशियाना पड़ोसी जनपद इलाहाबाद, सुल्तानपुर और रायबरेली में बना रखा है। शाम चार बजते ही वे दफ्तर से घर के लिए रवाना हो जाते हैं। यही कारण है कि वे सुबह दफ्तर समय से नहीं आ पाते। देर से दफ्तर आने वाले ज्यादातर कर्मचारी लोकल के हैं। इसलिए वह भी कार्यालय के समय का ध्यान नहीं दे रहे। तीन बार निरीक्षण में यही स्थिति रही तो कार्रवाई तय है।
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