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आटा, चावल, दाल, आलू तेल, मसाला सब देगा प्रशासन

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कोरोना महामारी में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग की ओर से कोविड-19 राहत सामग्री किट के रूप में नई पहल शुरू की है। राहत किट में सात दिनों के लिए राशन सामग्री दी जाएगी। जिसमें चावल, आटा, दाल, तेल, आलू व मसाला भी होगा। तहसीलवार जरूरतमंदों व असहायों को चिह्नित किया जाएगा। उनका ब्यौरा तैयार होगा। जिला प्रशासन की इस पहल से अब जरूरतमंदों एवं असहायों को राशन व खाद्य सामाग्री के लिए भटकना नहीं होगा। जल्द ही इसका वितरण शुरू होगा।
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महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिले को लॉकडाउन किया गया है। लोग घरों में कैद हैं। सड़कों पर सन्नाटा है। लॉकडाउन के चलते कामकाज ठप पड़ गए हैं। श्रमिकों व राशन कार्डधारकों को खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा है। मगर लॉकडाउन के दौरान असहाय व जरूरतमंदों की एक लंबी फेहरिस्त है, जिनके पास राशनकार्ड नहीं है। कुछ ऐसे भी है जो लॉकडाउन के चलते जिले में फंसे हैं। उनके सामने भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है। जिला प्रशासन ने ऐसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कोविड-19 नि: शुल्क राहत सामाग्री राशन किट के रूप में पहल शुरू की है। जिले के रानीगंज, पट्टी, सदर, लालगंज, कुंडा सहित सभी तहसीलों में लेखपाल अपने- अपने गांवों व इलाकों में रहने वाले जरूरतमंदों एवं असहायों को चिह्नित करेंगे।
उनका ब्यौरा तैयार होगा। यह ब्यौरा विभाग के राहत पोर्टल पर दर्ज होगा। इसके बाद उन्हें कोविड-19 नि: शुल्क राहत सामाग्री किट दी जाएगी। इसमेें एक हप्ते का राशन दिया जाएगा। राहत किट में 5 किग्रा चावल, 5 कि ग्रा आटा, एक किग्रा दाल, 3 किग्रा आलू, एक किलो कच्ची घानी का तेल, 200 ग्राम पीसी हल्दी, 200 ग्राम मिर्चं, 200 ग्राम धनिया व एक किग्रा नमक भी होगा। एक सप्ताह बाद तहसील विभाग की टीम भ्रमण कर राशन का पुन: वितरण करेगी। ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण काल के दौरान जरूरतमंद व असहायों को दिक्कत न आए।
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