प्रतापगढ़। शासन का दूत बनकर शहर पहुंचीं अपर आयुक्त कनकलता त्रिपाठी ने गोयल रेजीडेंसी होटल में शुक्रवार को गहन जांच की। उनके साथ रहे एडी स्वास्थ्य समेत दो अन्य अधिकारियों ने होटल से लेकर अस्पताल तक का चक्कर लगाया। होटल में लगी आग से मरे दस लोगों व घायलों के बारे में पड़ताल की। करीब आधे घंटे तक पड़ताल करने के बाद वह बगैर किसी से बात किए चली गईं।
शहर के गोयल रेजीडेंसी होटल में पिछले माह आग लग गई थी। होटल में ठहरे दस लोगों की इस घटना में मौत हो गई थी। प्रकरण को शासन ने संज्ञान में लिया तो जांच पड़ताल शुरू हो गई। घटना को याद कर आज भी लोग सिहर उठते हैं। मामले को संज्ञान में लेने के बाद शासन का रुख सख्त हुआ। सरकार के निर्देश पर शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे अपर आयुक्त कनकलता त्रिपाठी जेडी स्वास्थ्य सहित दो अन्य अफसरों के साथ सीधे गोयल रेजीडेंसी होटल पहुंचीं। उनके पहुंचने की खबर सुनते ही सदर एसडीएम जेपी मिश्र व नगर कोतवाल और चौकी इंचार्ज भंगवाचुंगी भी होटल पहुंचे। अपर आयुक्त के निर्देश पर सील होटल को खोला गया।
इसके बाद उन्होंने होटल के अंदर से लेकर बाहर तक गहनता से निरीक्षण किया। सबसे पहले अपर आयुक्त की टीम ने निचले तल पर जांच की। इसके बाद दूसरे फिर तीसरे तल पर पड़ताल की गई। इतने में जिला अस्पताल के सीएमएस भी होटल बुलवा लिए गए। जांच के दौरान साथ रहे कुछ अधिकारियों ने बताया कि तीसरे तल पर होटल के एक कमरे से काफी दुर्गंध आ रही थी। दुर्गंध इतनी ज्यादा थी कि वहां खड़ा होना दुश्वार था और मक्खियां भी मंडरा रही थीं। हालांकि इस बात से उनके साथ रहे जिले के अधिकारी इंकार करते रहे। होटल से जेडी स्वास्थ्य सीएमएस के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में मृतकों और घायलों के बारे में काफी जानकारी बटोरी। जांच अधिकारी मीडिया से बात करने से कतराते रहे और सीधे निकल गए।