छापेमारी के दौरान यदि कटियामारी करते पकड़े गए तो बिजली विभाग कार्रवाई नहीं करेगा। कटियामारों को बिजली कनेक्शन मौके पर ही लेना होगा। मुख्य अभियंता ने यह अभियान सभी विद्युत वितरण पारेषण खंडों में चलाए जाने का निर्देश दिया है। अभियान को कटिया हटाओ, कनेक्शन पाओ नाम दिया गया है।
जिले में सौभाग्य योजना के तहत हर घर को रोशन किए जाने का अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत जिले मेें 389 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। योजना को साकार रूप देने के लिए घर-घर कनेक्शन का वितरण किया जा रहा है। इसके लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। गांवों में कनेक्शन के लिए चौपाल भी लगाई जा रही है। जिले में 89 मिलियन यूनिट बिजली मिलती है, जबकि उपभोक्ताओं के लिहाज से जरूरत 100 के पार की है। जिले में लाइनलास सबसे बड़ी समस्या है। यहां 30 से 35 प्रतिशत बिजली का लाइनलास होता है। इसकी मुख्य वजह कटियामारी है। विभाग की मानें तो हाउस होल्ड सर्वे के अनुसार अभी भी डेढ़ लाख से अधिक घर ऐसे हैं जो बिजली कनेक्शन से वंचित हैं।
इसमें आधी फौज कटियामारों की है। जो विजलेंस टीम की आंख में धूल झोंककर विभाग को हर साल लाखों का चूना लगा रहे हैं। अब तक विभाग इनके खिलाफ समय- समय पर अभियान चलाता था। छापेमारी के दौरान कटियामार पकड़ में आते थे तो विभाग जुर्माना वसूलता था या फिर थाने में केस दर्ज कराता था। मगर अब विद्युत विभाग छापेमारी में कटियामारों के पकड़े जाने पर कार्रवाई नहीं करेगा। न ही जुर्माना वसूलेगा।
इसके एवज में उन्हें मौके पर ही कनेक्शन दिया जाएगा। साथ ही उन्हें इसकी उपयोगिता भी बताई जाएगी। अभियान शुरू करने के लिए मुख्य अभियंता विद्युत ने जिले के सभी अधिशाषी अभियंताओं को पत्र जारी कर निर्देशित किया है। अधिशाषी अभियंता प्रथम रामस्नेही ने बताया कि 31 जनवरी तक कटिया हटाओ, संयोजन पाओ अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत हो चुकी है।
कटियामार खुद भी आकर ले सकते हैं संयोजन, नहीं होगी कार्रवाई
यदि कटियामार खुद भी आकर संयोजन लेने की बात करेंगे तो विभाग उनसे यह नहीं पूछेगा कि कितने समय से वह बिजली का उपभोग कर रहे हैं और न ही कोई कार्रवाई करेगा।