चिलबिला में दिव्यांग युवती कंचन जायसवाल की खुदकुशी के मामले में कानूनगो दुर्गा प्रसाद शुक्ल और लेखपाल देवेश ओझा को निलंबित कर दिया गया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पिता ने जो वसीयत लिखी थी, उसमें बेटी कंचन का नाम शामिल था, जबकि पुत्र सचिन का नाम नहीं था। दस्तावेज में कंचन का नाम गायब कर सचिन का नाम शामिल कर दिया गया है।
पैतृक संपत्ति के विवाद के चलते ही रविवार को कंचन जायसवाल ने जान दे दी थी। दुकान पर अवैध कब्जा कराने के मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। अफसरों ने राजस्व दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि मक्खनलाल ने मार्च 2022 में जो वसीयत लिखी थी, उसमें पांच बेटों और दिव्यांग बेटी कंचन का नाम शामिल था। एक बेटे सचिन को बेदखल किया था।
फरवरी 2023 में मख्खनलाल की मौत हो गई। छह अक्तूबर 2023 को लेखपाल देवेश ओझा ने खतौनी में वरासत दर्ज करते हुए बेदखल किए गए सचिन का नाम शामिल कर दिव्यांग कंचन का नाम गायब कर दिया।
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया प्रकरण में गंभीरता बरती जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।