स्कूल में भोजनावकाश के दौरान जैट्रोफा का फल खाने से 45 स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में सभी को अस्पताल लाया गया। जहां बच्चों का इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी के बाद खंड शिक्षा अधिकारी अस्पताल पहुंचे।
कंधई थाना क्षेत्र के प्राथमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय जोगीपुर में अध्ययनरत छात्र व छात्राएं दोपहर में इंटरवल होने के बाद स्कूल के आसपास खेलने चले गए। अचानक बच्चे खेलने के दौरान स्कूल के बगल जैट्रोफा के खेत में पहुंच गए। जैट्रोफा का फल बादाम की तरह था। यह देख बच्चों ने उसे खाना शुरू कर दिया। किसी की बच्चों के ऊपर निगाह नहीं पड़ी। शाम करीब पांच बजे जैट्रोफा का फल खाने वाले बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। एक साथ सभी बच्चों की हालत खराब होने पर गांव में सनसनी फैल गई। दूसरे बच्चों से पता चला कि सभी जैट्रोफा का फल खाए हैं। आनन-फानन में एंबुलेंस से सभी को बेलखरनाथ सीएचसी लाया गया। अस्पताल में रहमान (9), गुलफाम (7), रुखसार (7), गौरव (10), बृजेश (12), जैद (6), श्रद्धा (9), नेहा (8), सहबाज (6), शेरू (10), स्वाती (8), बृजेश विश्वकर्मा (12), रज्जो (6), मुस्कान (10), जीशान (9), साक्षी (9), सतीश गुप्ता (7), नीरज (10), परवेज (8), शोएब (9), शादाब (9), कृष्णा मौर्या (8), गुलफाम (7), इरफान (10), इमरान (7), खुशनुमा (11), नेहा (6), अनीस (8), रवि (8), साहिबा (9), गुलसमा (8), नीरज (10), खुशी (10), विपिन (10), तबस्सुम (9), प्रमोद (10), दीपक (9), शिवानी (8) समेत 45 छात्र-छात्राओं को इलाज के लिए लाया गया।
घटना की जानकारी मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी बेलखरनाथ संतोष तिवारी अस्पताल पहुंचे। बच्चों के इलाज का समुचित प्रबंध कराने में जुट गए। खंड शिक्षा अधिकारी, बेलखरनाथधाम संतोष तिवारी का कहना है कि स्कूल में इंटरवल के समय बच्चे बाहर निकले। वे स्कूल के बगल खेत में जैट्रोफा के फल को बादाम समझकर खा लिए थे। सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। आधे से अधिक बच्चों का प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। शेष बच्चों का इलाज चल रहा है।