पट्टी कोतवाली के बारडीह गांव में छप्पर उठाते वक्त कच्ची दीवार ढहने से एक युवक उसके मलबे में दब गया। किसी तरह बाहर निकाल परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लाए, जहां से डाक्टरों ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
बारडीह गांव निवासी जवाहर शुक्रवार सुबह अपने दरवाजे पर छप्पर रख रहा था। गांव के लोगों के साथ उसका बेटा सुरेश (25) भी काम में लगा था। अचानक एक साइड की कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। इससे सुरेश मलबे में दब गया। ग्रामीणों ने किसी तरह मलबा हटाकर सुरेश को बाहर निकाला और एंबुलेंस से सीएचसी ले आए। हालत नाजुक देख कर उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। दरवाजे पहुंचने पर परिजन-रोने बिलखने लगे। सूचना परिजनों ने पुलिस को नहीं दी और मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया।