स्थानीय थाना क्षेत्र के करिस्ता गांव में रविवार सुबह एक जर्जर मकान जमींदोज हो गया। मलबे में दबने से तीन बच्चे घायल हो गए। सभी को परिजन इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
करिस्ता निवासी वीरेंद्र कुमार के पुराने मकान में मवेशी बांधे जाते थे। उसी में लकड़ी भी रखी हुई थी। रविवार को जर्जर मकान के इर्द-गिर्द वीरेंद्र और पड़ोसी के बच्चे खेल रहे थे।
अचानक बारिश के बाद जर्जर मकान जमींदोज हो गया। इससे उसके मलबे में वीरेंद्र का बारह वर्षीय बेटा विशाल, पड़ोसी घनश्याम का बारह वर्षीय बेटा शिवम व दस वर्षीय राहुल दब गए। लोगों के शोर मचाने पर ग्रामीण दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मलबे में दबे बच्चों को बाहर निकाला। आनन-फानन में सभी को पहले प्रधान संजय के वाहन से स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां हालत गंभीर देख डाक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल भेज दिया। जर्जर मकान गिरने व उसमें बच्चों के दबे होने की खबर पर इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों का वीरेंद्र के घर पर मजमा लग गया। लोग घायल बच्चों का हालचाल लेते रहे।