फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुल्तानपुर बस हादसे में चकबंदी कार्यालय का बाबू लापता

Tue, 21 Apr 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर के संसरियापुर रामगंज के पास मंगलवार को रोडवेज बस में भीषण आग लगने की घटना में प्रतापगढ़ चकबंदी कार्यालय का एक बाबू भी लापता है। हादसे में यहां तैनात एक लेखपाल भी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों सुल्तानपुर के रहने वाले हैं और बस से एक साथ प्रतापगढ़ आ रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही चकबंदी कार्यालय में खलबली मच गई। कार्यालय के लोग घटनास्थल की ओर भागे। खबर लिखे जाने तक बाबू का कुछ भी पता नहीं चल सका था। इसके अलावा हादसे में घायल दो और यात्रियों को जिला अस्पताल से इलाहाबाद रेफर किया गया हैै।
विज्ञापन


फैजाबाद डिपो की पवन गोल्ड बस प्रतापगढ़ की ओर आ रही थी। मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे सुल्तानपुर के बाद रामगंज के निकट संसरियापुर गांव के पास बस के इंजन में आग लग गई। देखते ही देखते बस जलकर राख हो गई। बस में प्रतापगढ़ चकबंदी कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात सुल्तानपुर सप्लाई दफ्तर एमजीएस इंटर कॉलेज के बगल रहने वाले अतुल त्रिपाठी (26) और लेखपाल नयानगर, सुल्तानपुर निवासी जगदंबा पाल भी सवार थे। आग लगने के बाद बस में भगदड़ मच गई। लोग जान बचाकर भागने लगे। जगदंबा पाल ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि वह भी जान बचाने के लिए बस के गेट से कूद गए। इस चक्कर में उनका पैर टूट गया। वह अतुल-अतुल चिल्लाते रहे। काफी खोजबीन की गई, मगर उनका कुछ पता नहीं चला।

 यह खबर अतुल त्रिपाठी के घर सुल्तानपुर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिजन भागकर मौके पर पहुंचे। प्रतापगढ़ चकबंदी कार्यालय के कर्मचारी नवल किशोर, नियाज, देवेंद्र आदि भी घटनास्थल पर पहुंचे। अतुल की तलाश की गई, मगर उनका कुछ पता नहीं चल पाया। चर्चा है कि वह भी बाकी यात्रियों की तरह आग में झुलस गया होगा। हालांकि इसकी पुष्टि समाचार लिखे जाने तक प्रशासनिक अधिकारियों ने नहीं की। नवल किशोर ने बताया कि अतुल त्रिपाठी का एक बेटा है। बड़े भाई अमित त्रिपाठी मदाफरपुर स्थित डिग्री कॉलेज में प्राध्यापक है। उधर, जख्मी लेखपाल जगदंबा पाल का सुल्तानपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बस में झुलसे निखिल श्रीवास्तव (25) पुत्र नरेंद्र कुमार निवासी राजाजीपुरम पारा लखनऊ और उमेश (35) पुत्र सुरेंद्र बहादुर निवासी आवास विकास कॉलोनी नगर कोतवाली बलिया को एंबुलेंस से प्रतापगढ़ अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने दोनों को इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया निखिल एक बैटरी की कंपनी में काम करता है। वह प्रतापगढ़ आ रहा था। उमेश रेलवे का ठेकेदार है। वह इलाहाबाद जा रहा था। दोनों ने सुल्तानपुर से बस पकड़ी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें