डाइरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी (डीबीटीएल) योजना के फार्म फीडिंग के लिए बैंक कर्मचारियों ने गैस एजेंसियों पर कैंप लगाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार ने पत्र जारी कर एक जनवरी से 15 जनवरी के मध्य एजेंसियों पर कैंप लगाने का आदेश दिया था। गैस उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि सीधे खाते में भेजने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी (डीबीटीएल) योजना प्रारंभ हो गई है। जिले के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो एजेंसियों पर अभी तक 49 प्रतिशत और बैंकों में मात्र 35 प्रतिशत ग्राहकों के आधार नंबर और खाता नंबर की फीडिंग हुई है।
बैंक कर्मियों के दिलचस्पी नहीं लेने से जिले के 14 उपभोक्ताओं के फार्मों की फीडिंग नहीं हो सकी है। एजेंसी और बैंक के बीच फीडिंग का फासला मिटाने के लिए भारत सरकार ने बैंक अफसरों को पत्र जारी कर एक से 15 जनवरी तक स्थानीय गैस एजेंसियों पर शिविर लगाकर फीडिंग करने का निर्देश दिया था। गुरुवार को बैंक अधिकारियों ने कर्मचारियों की कमी बताकर इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। एलडीएम उमानाथ द्विवेदी ने बताया कि बैंकों में कर्मचारियों की भारी कमी है। इससे एजेंसी पर शिविर लगाकर फार्म फीडिंग कराना संभव नहीं है। एजेंसी संचालक फार्म भरकर शाखा में पहुंचाने पर उन्हें फीड कर दिया जाएगा। इधर 31 मार्च तक ग्रेस पीडियड और एक अप्रैल से 30 जून तक पार्किंग पीरियड होने पर ग्राहकों ने राहत की सांस ली है।