धूमनगंज निवासी ई रिक्शा चालक वीरेंद्र पटेल (26) की संदिग्ध हालात में संगम में डूबने से मौत हो गई। परिजनों ने साजिश के तहत तीन दोस्तों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
वीरेंद्र जयंतीपुर का रहने वाला था और ई रिक्शा चलाता था। वह एक हाथ से दिव्यांग भी था। परिजनों का आरोप है कि बृहस्पतिवार दोपहर वह धूमनगंज निवासी दोस्ताें गुड्डू, विनोद और विशाल के साथ संगम स्नान के लिए गया था। इसके बाद नहीं लौटा। शाम होने पर परिजनों ने तलाश शुरू की तो उसका ई रिक्शा थाने के पास पेट्रोल पंप से कुछ दूर खड़ा मिला।
परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को प्रकरण की जानकारी दी। वीरेंद्र के लापता होने में दोस्तों पर शक जताया। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो उन्होंने बताया कि वह संगम में स्नान करने गए थे। इसी दौरान वीरेंद्र डूब गया। घटना से वह डर गए और उसका ई रिक्शा लेकर चले आए। फिर चुपचाप ई रिक्शा पेट्रोल पंप के पास छोड़कर भाग निकले।
शनिवार को पुलिस ने संगम में गोताखोरों को उतारा तो कुछ घंटे के तलाशी अभियान के बाद शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव मोर्चरी भेजवा दिया। उधर, परिजन आक्रोशित हो उठे और थाने पहुंचकर तीनों दोस्ताें पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण समेत अन्य धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया। डीसीपी नगर अभिषेक भारती ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की बात
पोस्टमार्टम में डूबने से वीरेंद्र की मौत की बात सामने आई। सूत्रों ने बताया कि शरीर पर अन्य कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि वह किन परिस्थितियों में डूबा और दोस्तों ने इसकी सूचना घरवालों को क्यों नहीं दी, इस बारे में जांच पड़ताल की जा रही है।