बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति का एक और मामला प्रकाश में आया है। आसपुर देवसरा के एक युवक ने फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी हासिल कर ली है। गांव के लोगों का कहना है कि उनकी जांच में खुलासा हुआ है कि इस नाम से कोई विकलांग प्रमाणपत्र जारी ही नहीं किया गया है। जिले के आसपुर देवसरा विकास खंड के प्रवेश कुमार सिंह ने डीएम को शपथपत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव के ही शिव शंकर सिंह ने सीएमओ कार्यालय से फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र बनवाकर टीचर की नौकरी हासिल कर ली है।
शिव शंकर सिंह गांव के ही प्राइमरी स्कूल ठकुरान पसियान में कार्यरत हैं। प्रवेश सिंह ही नहीं, बल्कि गांव के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने हस्ताक्षरित शिकायती पत्र के साथ ही सीएमओ कार्यालय से प्राप्त वह सूचना भी संलग्न की है, जिसमें सीएमओ कार्यालय से इस नाम का कोई भी प्रमाणपत्र जारी नहीं होने की बात कही गई है। शनिवार को डीएम के समक्ष यह शिकायत पहुंचने पर बीएसए से पूरे मामले की जांच कराकर दोषी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा है। इधर बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, प्रमाणपत्र की जांच कराई जा रही है, अगर फर्जी प्रमाणपत्र मिलता है तो शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही वेतन की राशि की रिकवरी की जाएगी।