ग्रामीणांचल के युवाओं को अब प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए शहर की लाइब्रेरी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। जिले की 11 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। अब गांव में पढ़ाई कर बच्चे अफसर बन सकेंगे।
हर डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें दो लाख की किताबें, 1.30 लाख के आईटी उपकरण और 70 हजार का फर्नीचर दिया जाएगा।
खास बात ये है कि लाइब्रेरी में सिर्फ किताबें नहीं होंगी। युवाओं को ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट और इंटरएक्टिव डिजिटल क्विज जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। लाइब्रेरी का संचालन पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान की देखरेख में होगा, जबकि पंचायतीराज विभाग के अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करेंगे। डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी संचालन का आदेश शासन से मिला है। ग्राम पंचायतों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है।