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कुंडा में संपत्ति के लिए भयाहू को गोली से उड़ाया

Sun, 15 Jun 2014 05:30 AM IST
Pratapgarh
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कुंडा (प्रतापगढ़)। मौली गांव में शनिवार सुबह संपत्ति के झगड़े में जेठ ने विधवा भयाहू सुशीला शर्मा (60) की गोली मारकर हत्या कर दी। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने हमलावर को दबोच कर उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक जब्त कर ली।
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मौली गांव के प्यारेलाल शर्मा सेना से रिटायर हैं। नौकरी के दौरान उसने अपने भाई बनवारी के नाम से गांव में ही जमीन खरीदी थी। फौज से रिटायर होने के बाद प्यारेलाल संपत्ति में हिस्सा मांगने लगा लेकिन उसका छोटा भाई बनवारी बंटवारा नहीं कर रहा था। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद पनपने लगा। इस बीच बनवारी की मौत हो गई तो पूरी संपत्ति उसके बेटे ओम प्रकाश शर्मा और पत्नी सुशीला के नाम दर्ज हो गई। इससे प्यारेलाल संपत्ति पाने में नाकाम हो गया। इस दौरान सुशीला ने दिल्ली में रहने वाले अपने पुत्र ओम प्रकाश के बेटे अभिषेक के नाम पूरी संपत्ति की वसीयत कर दी। इससे प्यारेलाल बौखला उठा था। पुलिस के अनुसार शनिवार की सुबह दिल्ली से घर आए अभिषेक को मारने के लिए प्यारेलाल अपने पुत्र अन्ना और चंद्रशेखर के साथ सुशीला के घर पहुंचा। अपने पोते की जान पर खतरा देख सुशीला गेट पर ही जेठ से भिड़ गई। विवाद के दौरान रिटायर्ड फौजी ने सुशीला को गोली मार दी। फायर की आवाज सुनकर गांव के लोग दौड़े तो प्यारेलाल अपने बेटों के साथ वहां से घर के लिए भागा। गांव के लोगों के पहुंचने पर अभिषेक अपनी दादी को लेकर इलाज के लिए भागा लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इस बीच घटना की सूचना मिलने पर कोतवाल नरेंद्र सिंह बड़गोती और सीओ सुकरमपाल तोमर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छानबीन के दौरान घर छोड़कर भाग रहे प्यारेलाल को बंदूक के साथ दबोच लिया। जबकि उसके बेटे भाग निकले। मामले में अभिषेक की तहरीर पर पुलिस ने रिटायर्ड फौजी प्यारेलाल, उसके बेटे अन्ना और चंद्रशेखर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
दिल्ली में रहने वाले सुशीला के पुत्र ओम प्रकाश का परिवार एक सप्ताह पहले गर्मी की छुट्टी मनाने गांव आया था। ओम प्रकाश का इकलौता पुत्र अभिषेक अपनी दादी सुशीला का दुलारा था। बूढ़ी दादी की सेवा में वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ता था। शनिवार को अपने घर के चिराग को बचाने के लिए सुशीला ने अपनी जान की परवाह तक नहीं की और मौत सामने खड़ी देखने के बाद भी उससे भिड़ गई। पोते की जिंदगी बचाने में कामयाब रही सुशीला की जान चली गई।
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मौली के ग्रामीणों की मानें तो सेना में नौकरी के दौरान प्यारेलाल अपने छोटे भाई बनवारी पर पूरा भरोसा करता था। उसने नौकरी के दौरान जो भी जमीन खरीदी वह अपने भाई बनवारी के नाम कर दी। रिटायर होने के बाद प्यारेलाल और बनवारी का परिवार अलग रहने लगा। इस दौरान बनवारी खरीदी गई जमीन को खुद के पैसों से खरीदने की बात कहने लगा। इसे लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद गहराता चला गया। जमीन की वजह से सुशीला की जान चली गई।
रिटायर्ड फौजी ने संपत्ति के लिए अपनी भयाहू सुशीला को लाइसेंसी बंदूक से गोली से मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे बंदूक के साथ दबोच लिया। उसके बेटों की तलाश की जा रही है। दोनों के बीच काफी दिनों से विवाद चला आ रहा था।
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सुकरमपाल तोमर
सीओ कुंडा।
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