प्रतापगढ़। पति की लंबी उम्र के लिए ‘वट सावित्री व्रत’ पर सुहागिनों ने वट वृक्ष का विधिवत पूजन किया। पति की अलंकारिक सेवा करने के बाद पेड़ में कच्चे सूत से पति की उम्र बांधी गई। पूरे दिन महिलाओं ने व्रत रखने के साथ ही सामर्थ्य अनुसार वस्त्र, बर्तन, श्रृंगार के सामान दान किए।
पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने बुधवार को पूरे दिन व्रत रखा। सुहागिनें श्रृंगार करके वट वृक्ष के नीचे पहुंचीं और पति की अलंकारिक सेवा की। बांस के पीले पंखे से हवा की। इसके बाद पति को लंबी उम्र देने के लिए वट वृक्ष की विधि विधान से पूजा की गई। फिर वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करते हुए कच्चे सूत से पति की उम्र बांधी गई। इसके साथ सावित्री, सत्यवान और यमराज की कथा कही गई और बाद में पूरी श्रद्धा के साथ आरती की गई। इस दौरान यमराज को श्रृंगार का सामान, वस्त्र, बांस का पंखा, बर्तन, सुराही आदि अर्पित किया गया और सुहागिनों ने उनसे पति की लम्बी उम्र का वरदान मांगा। सुहागिनें यह पूजन सावित्री के यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण मांग लेने की याद में करती हैं। सावित्री ने वटवृक्ष के नीचे अपने पति के प्राण वापस पाए थे। माना जाता है कि इस दिन वट वृक्ष की पूजा करने से पति की उम्र लंबी होती है।