प्रतापगढ़। भाजपा के समर्थन से चुनाव लड़ने वाले अपना दल प्रत्याशी कुंवर हरिवंश सिंह को जिले में 3,75,799 लोगाें ने पसंद किया। कोई भी प्रत्याशी कभी इतने वोट नहीं पाए। उनकी जीत का अंतर भी अब तक के 16 चुनावों में दूसरे नंबर पर है। हरिवंश सिंह ने 1,68,222 मतों से जीत दर्ज की है। इससे पहले 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस के राजा दिनेश ने 2,32,505 मतों के साथ सबसे बडे़ अंतर से जीत दर्ज की थी।
जिले की जनता ने चुनावी लहर पहले भी देखी थी। आजादी के बाद के चुनावों में जनता में पहली बार 1977 में इमरजेंसी का रोष दिखा था। ऐसे में फैसला भी कांग्रेस के विरोध में आया। दो लाख से अधिक वोट पाकर भारतीय लोकदल के रूपनाथ सिंह सांसद बने। कांग्रेस के राजा दिनेश सिंह दूसरे नंबर पर थे लेकिन वह रूपनाथ से चौथाई मत ही पास सके थे। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जो लहर आई थी उसमें जिले के लोगों में गुस्सा साफ दिखा था। कांग्रेस के पक्ष में जिस तरह से एकतरफा फैसला दिया, वह जीत के अंतर का रेकार्ड आज तक नहीं टूट सका है। इसके बाद भी मंडल कमीशन, राम मंदिर और बोफोर्स की लहर आई लेकिन इतना जुनून कभी नहीं दिखा।
क्रम वर्ष जीते मिले मत जीत का अंतर
1 1952 मुनीश्वर दत्त 77668 54150
2 1957 मुनीश्वर दत्त 78399 12626
3 1962 अजीत प्रताप सिंह 96483 23684
4 1967 आरडी सिंह 102825 21692
5 1971 दिनेश सिंह 156902 80186
6 1977 रूपनाथ सिंह यादव 206339 149320
7 1980 अजीत प्रताप सिंह 94223 16185
8 1984 दिनेश सिंह 279354 232507
9 1989 दिनेश सिंह 165870 4206
10 1991 अभय प्रताप सिंह 110838 3696
11 1996 रत्ना सिंह 139326 21637
12 1998 रामविलास वेदांती 232927 64460
13 1999 रत्ना सिंह 202170 6003
14 2004 अक्षय प्रताप 238137 69272
15 2009 रत्ना सिंह 169137 29779
16 2014 कुं. हरिवंश सिंह 375799 168222
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