सरकार की वादाखिलाफी से नाराज राज्य कर्मचारियों की मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई। कार्यालयों में तालाबंद कर कर्मियों ने दिन भर प्रदर्शन किया। कार्यालयों में तालाबंदी से प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप रहा। इस हड़ताल से आम लोगों को काफी दिक्कत हुई। प्रदर्शन स्थल पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद सहित तमाम संगठनों के नेताओं ने प्रदेश सरकार पर जम कर हमला बोला।
इस लड़ाई के लिए गठित राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों व विभागों के राज्य कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। रोज की तरह सभी राज्य कर्मचारी कार्यालय पहुंचे। सुबह 10 बजे दफ्तरों में ताला बंद कर वे हड़ताल पर चले गए। विकास भवन में पूर्ण बंदी रही। यहां राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मनोकानिका उपाध्याय की अगुवाई में नारेबाजी करते हुए अधिकारों की मांग की गई। सिंचाई विभाग में हड़ताल की अध्यक्षता राम समुझ त्रिपाठी व संचालन वकील अहमद ने किया। यहां कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। पीडब्लूडी में भी हड़ताल का पूरा असर दिखा। हड़ताल में वन विभाग, मंडी समिति, एआरटीओ, चकबंदी, मत्स्य, जीआईसी, जीजीआईसी, डीआईओएस, बीएसए, होमियोपैथ, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, रोडवेज, कोषागार, उद्योग, आईटीआई, ग्राम विकास व ग्राम पंचायत, लेखपाल विभागों के संगठन व कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल कर कार्यालय परिसर में प्रदर्शन व सभा किया।