विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से कर्मचारियों ने कार्यालयों में तालाबंदी कर आंदोलन करने का फैसला किया है। आंदोलन को धार देने के लिए कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने राज्य कर्मचारी अधिकार मंच का गठन किया है। एकजुट कर्मचारी आंदोलन को सफल बनाने के लिए विभागों में तालाबंदी के साथ ही धरना-प्रदर्शन भी करेंगे।
पुरानी पेंशन को बहाल करने, संविदा और निगम कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, वेतन विसंगतियों को दूर करने से सहित विभिन्न मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी महासंघ और कर्मचारी संयुक्त परिषद ने संयुक्त रूप से राज्य कर्मचारी अधिकार मंच का गठन कर आंदोलन करने का फैसला किया है। राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष वीपी सिंह और जिलामंत्री वकील अहमद ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह सफल रहेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जब तक कर्मचारी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होगा तब तक उसे सफलता मिलने वाली नहीं है। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच की लड़ाई एक विभाग या एक संवर्ग के कर्मचारी के लिए नहीं है बल्कि पंद्रह सूत्रीय मांगों में सभी विभागों और निगमों के कर्मचारी शामिल हैं। उधर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मनोकानिका उपाध्याय और जिला मंत्री मिथलेश कुमार सिंह ने विज्ञप्ति जारी कर विकास भवन में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन करने का फैसला किया है। कर्मचारी नेताओं ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की बात करते हुए चेताया है कि जब तक कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं होती है आंदोलन जारी रहेगा।