फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कप्तान के घर के पास वकील पर बरसाई गोलियां

Tue, 12 Nov 2013 05:39 AM IST
Pratapgarh
विज्ञापन
विज्ञापन
बेखौफ बदमाशों ने सोमवार को दिनदहाडे़ पुलिस अधीक्षक आवास के बगल में वकील आरिफ खान (26) पुत्र सिराजुद्दीन पर गोलियां बरसाईं। जवाब में आरिफ ने भी फायर किया तो हमलावर केपी कालेज की ओर भाग निकले। दो गोलियां लगने से आरिफ मौके पर गिर पड़े। गोली चलने की आवाज सुनकर पहुंचे लोगाें ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां से इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। आजादनगर निवासी आरिफ सोमवार दोपहर खाना खाने के लिए घर गए थे। करीब दो बजे वह फिर से कचहरी आ रहे थे। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के सामने एसपी आवास के बगल से आने वाली सड़क पर तीन लोग खडे़ थे। आरिफ जैसे ही एसपी के घर के ठीक बगल पहुंचे नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोका और फायर झोंक दिया। भागने के प्रयास में गोली आरिफ के कंधे और हाथ में लगी। बदमाशाें ने और फायर किया लेकिन वह बच गए। आरिफ ने अपनी रिवाल्वर निकाली और दो फायर किए। जवाबी फायरिंग पर बदमाश भाग निकले। कुछ दूर पर खडे़ पैथालाजी संचालक डा. राकेश सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी। इससे पहले एसपी आवास पर मौजूद पुलिस कर्मी और उधर से गुजर रहे एसओ अंतू संतोष दुबे भी पहुंच गए। एएसपी विसर्जन सिंह यादव भी भागकर मौके पर पहुचे। आनन फानन में आरिफ को जिला अस्पताल लाया गया। यहां एक्सरे कराने के बाद पता चला कि आरिफ को दो गोलियां लगी हैं। हाथ में लगी गोली से कोई खतरा नहीं था लेकिन कंधे पर लगी गोली फेफडे़ के करीब पहुंच गई थी। आनन फानन में उन्हें इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। आरिफ के पिता सिराजुद्दीन भी वकील हैं। ऐसे में घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर वकीलों से भर गया। लोगाें में घटना को लेकर खासा आक्रोश भी दिखा। घटना की बाबत सीओ सिटी वीके राय ने बताया कि घायल वकील पर भी जेठवारा में डबल मर्डर के साथ ही नगर कोतवाली में जानलेवा हमले का मामला दर्ज है। पुलिस आरिफ के खिलाफ 110 जी की कार्रवाई भी कर चुकी है। हमला डबल मर्डर को लेकर हो सकता है। फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है। जांच की जा रही है।
विज्ञापन

आरिफ को गोली मारने वाले हमलावरों को पकड़ने के लिए की गई पुलिस की नाकाबंदी बेकार गई। इस बार काली पल्सर नहीं बल्कि लाल रंग की अपाचे का इस्तेमाल किया गया। इस बाबत चेकिंग का आदेश भी हुआ लेकिन हमलावर कहां गुम हो गए, कोई पता नहीं चल सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें