प्रतापगढ़। विभाग का ठेकेदार ही बिजली चोर निकला। बिना आदेश वह आधा दर्जन से अधिक खंभे व ट्रांसफार्मर गांव में लगा बिजली चोरी करा रहा था। विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। डीएम द्वारा गठित टीम की छापामारी से ठेकेदार के करतूत की तस्वीर बुधवार को सामने आई।
सदर एसडीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि कटरामेदनीगंज के भुआलपुरकिला में छापामारी का निर्देश डीएम ने दिया था। एक्सईएन विद्युत वाईराम व जेई राधेश्याम के साथ छापा मारा गया। इस दौरान पाया गया कि गांव निवासी कमलेंद्र सिंह बिजली विभाग का ठेकेदार है। वह गांव के लिए बगैर आदेश 8 विद्युत पोल लगा रहा था। सातवें पोल पर ट्रांसफार्मर मिला। सभी खंभों पर विद्युत तार खींचे गए थे। यह ट्रांसफार्मर भुपियामऊ पावर हाउस से नवोदय विद्यालय के लिए खींची गई मुख्य लाइन से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि गांव तक लगे उन अवैध खंभों से सिर्फ दो कनेक्शन हुए थे। पहला ठेकेदार व दूसरा गांव का ही एक श्रीवास्तव है। लोगों ने बताया कि टीम पहुंचने के पहले दोनों ने खंभे से घरों तक खींचे गए तार हटा लिए गए। ठेकेदार के घर एसी भी लगा था। वह कनेक्शन का बिल टीम को नहीं दिखा सका। अवैध कनेक्शन व खींची गई लाइन की बाबत वह कोई कागज नहीं दिखा सका। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। डीएम ने अधिशासी अभियंता को ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
अफसरों के टीम की पड़ताल में ग्रामीणों की बात कई गंभीर सवाल उठा रही है। गांव में छापामारी के पहले टीम जाने की खबर ठेकेदार को किसने दी। छापा पड़ने से कुछ देर पहले ही ठेकेदार ने खंभे से घर के कनेक्शन उतार लिए। अफसरों इसकी भी पड़ताल कर रहे हैं। ठेकेदार को अवैध रूप से लाइन खींचने के लिए ट्रांसफार्मर व विद्युत खंभे कहां से मिले। जानकार बताते हैं कि विद्युत उपकरण स्टोर में होते हैं। कहीं पर लाइन खींचने के लिए विभाग इस्टीमेट बना कर देता है। इसका बाकायदा पैसा जमा होता है। इसके बाद नंबर आने पर स्टोर से सामान बाहर आता है। इस मामले में स्टोर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।