प्रतापगढ़ के कंधई इलाके की दुष्कर्म पीड़िता को फरार चल रहे आरोपी की मां
ने धमकाया। परेशान महिला ने पुलिस लाइन के सामने जहरीला पदार्थ खा लिया।
बेहोशी की हालत में पुलिस उसे जिला अस्पताल ले आई। पुलिस की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई है।
कंधई थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला को इलाके के ही सपा नेता हरीलाल उर्फ हंसू यादव ने नौकरी दिलाने के नाम पर शहर स्थित आवास पर कई माह तक बंधक बनाकर रखा। सपा नेता उसकी आबरू लूटने के साथ ही जिस्मफरोशी के धंधे में उतरने के लिए मजबूर कर रहा था।
किसी तरह उसके चंगुल से बचकर भागी महिला अपने रिश्तेदारों के पास पहुंची और आपबीती सुनाई। परिजनों के साथ पहुंचकर आला अधिकारियों से गुहार लगाई। इस मामले में नगर कोतवाली में सपा नेता के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने हंसू की तलाश में दबिश दी लेकिन वह फरार हो गया। दुष्कर्म पीड़िता सपा नेता से बचने की कोशिश में दर-दर भटकती रही।
पीड़िता ने बताया कि मंगलवार की रात पुलिस लाइन के निकट हंसू की मां ने उसे रोक लिया और घर चलने के लिए धमकाने लगी। जब उसने इंकार किया तो उसे मारने पीटने के साथ जान से मारने की धमकी दी। उसके चंगुल से छूटने के बाद रिश्तेदार के यहां पहुंचकर रात बिताई। बुधवार दोपहर उसे कई संदिग्ध लोग दिखाई पड़े। इससे भयभीत होकर पुलिस लाइन के सामने जहरीला पदार्थ खा लिया।
कुछ देर में उसकी तबियत बिगड़ने लगी तो उसकी भाभी ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल गई। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में महिला होमगार्ड संग पुलिसकर्मी तैनात हैं। नगर कोतवाल कुलदीप तिवारी ने महिला से मामले की जानकारी ली।
उनका कहना है कि आरोपी की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। सुसाइड नोट की बातों पर भी गौर किया जा रहा है। दुष्कर्म पीड़िता की हालत जानने के लिए शहर कोतवाल कुलदीप तिवारी जिला अस्पताल पहुंचे। पूछताछ के दौरान उसने साड़ी के आंचल में बंधा सुसाइड नोट कोतवाल की ओर बढ़ा दिया। पत्र देख कोतवाल का माथा ठनक गया। उन्होंने सुसाइड नोट अपनी जेब में रख लिया। पीड़िता ने बताया कि पुलिस के कार्रवाई न करने और लगातार आरोपी और उसके परिजनों की धमकी से वह टूट चुकी है। इसलिए जहर खा लिया।
दुष्कर्म पीड़िता के मामले को लेकर कंधई और नगर कोतवाली पुलिस टरकाती रही। दोनों घटना एक दूसरे के इलाके में होना बताकर अपना पल्ला झाड़ने में जुटी हैं। इस वजह से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने एक दो दिन ही दबिश दी, बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस वजह से करीब एक माह से आरोपी फरार है।