प्रतापगढ़। जिले के तेरह नए डिग्री कॉलेजों को बीटीसी प्रशिक्षण देने की मान्यता मिलने से साढे़ छह सौ अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण जून से प्रारंभ हो जाएगा।
प्राइवेट डिग्री कॉलेजों में बीटीसी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने की हरी झंडी मिलते ही मान्यता के लिए होड़ लग गई। जिले के 26 डिग्री कालेजों ने नई दिल्ली स्थित नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजूकेशन (अध्यापक शिक्षा परिषद) में मान्यता के लिए आवेदन किया था। आवेदन करने वाले डिग्री कॉलेजों की फाइल को डॉयट प्राचार्य और जिला प्रशासन से सत्यापित कराया गया। इसमें जिले के चौदह कॉलेज ऐसे थे जो विभाग के मानक पर खरे उतरे। संडवाचंद्रिका के तारंगपुर स्थित यशोदानंदन हरिवंश महाविद्यालय को पहले ही मान्यता मिल चुकी थी, जहां अभ्यर्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं जबकि तेरह नए कॉलेजों को हाल ही में शासन से मान्यता मिलने के बाद डॉयट प्रशासन ने गुरुवार से काउंसिलिंग प्रारंभ कर दी है। तेरह कॉलेजों को 50-50 छात्राध्यापकों को प्रशिक्षण देने के लिए इसी माह अभ्यर्थी उपलब्ध कराए जाएंगे। जिले के बुद्धीधर डिग्री कॉलेज को बीते वर्ष ही बीटीसी की मान्यता मिल गई थी। इस प्रकार जिले में अब तक कुल पंद्रह डिग्री कॉलेजों को बीटीसी की मान्यता मिल चुकी है। इस प्रकार डॉयट में दो सौ और पंद्रह निजी कालेजों में साढे़ सात सौ अभ्यर्थियों को बीटीसी का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रभारी डॉयट प्राचार्य मु. इब्राहीम ने बताया कि इसी माह के अंत तक सभी कालेजों को अभ्यर्थी एलाट कर दिए जाएंगे। जून के प्रथम सप्ताह से प्रशिक्षण भी प्रारंभ हो जाएगा।
प्राइवेट कॉलेजों में प्रत्येक अभ्यर्थी से 44 हजार रुपये फीस लेने की व्यवस्था है। एक कॉलेज को 50 सीट आवंटित की जाती है। 25 अभ्यर्थियों से आधी और पच्चीस अभ्यर्थियों से पूरी फीस लेने का प्राविधान है। लेकिन निजी कॉलेज सभी विद्यार्थियों से पूरी फीस वसूलने से बाज नहीं आते हैं।