प्रतापगढ़। ‘हाथी पांव’ फाइलेरिया दिवस गुरुवार को फ्लाप रहा। जागरूकता के अभाव में अधिकांश लोग स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगे बूथों तक नहीं पहुंच सके। जिला व महिला अस्पताल में आने वालों को दवाएं दी गईं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केन्द्रों की रही। हद यह रही कि देर शाम तक अफसर रिपोर्ट के लिए परेशान रहे। मगर कर्मी उन्हें भी सफलता की सूचना देने से कन्नी काटने से बाज नहीं आए।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से फाइलेरिया दिवस पर डीईसी व अलबेंडाजॉल की दवाओं को वितरित करने के लिए बूथ लगाए गए थे। अफसरों के निर्देश पर यह बूथ जिला व महिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के पीएचसी व सीएचसी पर लगाए गए थे। मुख्यालय के अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को वह दवाएं दी गई हैं। जागरूकता के अभाव में अधिकांश लोग बूथों पर नहीं पहुंच सके। सिर्फ इलाज के लिए जो लोग आए थे उन्हीं को दवाएं देकर अभियान का कोरम पूरा करने का प्रयास किया गया। खेद की बात यह रही कि ग्रामीण इलाकों में अस्पतालों पर लगे अधिकतर बूथ सन्नाटे में रहे। सफलता की रिपोर्ट लेने के लिए शाम करीब सात बजे अफसरों ने मातहतों से सम्पर्क करना शुरू किया। मगर किसी का मोबाइल बंद तो कोई घंटी बजने के बाद भी फोन उठाना उचित नहीं समझ रहा था। रिपोर्ट के लिए खुद अफसर परेशान रहे। यह दशा बाद में कर्मियों के जरिए दी जाने वली रिपोर्ट को भी संदिग्धता के दायरे में खड़ा कर रही है। फालेरिया अधिकारी डॉ. गयाबख्श सिंह ने कहा कि रिपोर्ट सभी से नहीं मिल पा रही है। प्रयास किए जा रहे हैं। इस बात की शिकायत शीर्ष अफसरों से भी वह करेंगे।