प्रतापगढ़। शहर में तहसील के पास व घंटाघर पर भाजपा और बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान का झंडा फूंका। इस बीच पुंछ घटना के विरोध में केन्द्र सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। इसके बाद बैठक कर घटना की निंदा भी की गई।
बाबागंज स्थित भाजपा कार्यालय के सामने पार्टी कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने पाकिस्तान का झंडा जलाया। इस बीच केन्द्र सरकार की खामोशी को लेकर विरोध में नारेबाजी की गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे पूर्व मंत्री बृजेश शर्मा ने घटना के पीछे केंन्द्र सरकार की नीति को दोषी ठहराया। वरिष्ठ भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सेना का मनोबल गिरेगा। केन्द्र सरकार को इसका मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। बैठक में केके सिंह, अवधेश मिश्र, गणेश नारायण मिश्र, राम कृष्ण, आशुतोष त्रिपाठी, धीरज ओझा आदि मौजूद रहे। उधर घंटाघर पर बजरंग दल के लोगों ने भी पाकिस्तान का झंडा जलाया। इन लोगों ने पाकिस्तान और कांग्रेस की केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैठक की अगुवाई कर रहे नगर संयोजक रोहित रावत ने घटना की निंदा की। नगर सह संयोजक अजय सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को इस घटना का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। बैठक में रोहित, मोहित, सुनील आदि रहे।
इधर कश्मीर के पुंछ में हुई हृदय दहलाने वाली घटना से रिटायर्ड सैनिकों के सीने में भी आक्रोश की आग धधक रही है। सीमा नियम उल्लंघन और शहीद का सिर काटने की घटना को वे चुनौती के रूप में देख रहे हैं। सभी सरकार को भी वे कोस रहे हैं। ‘अमर उजाला’ टीम ने ऐसे कुछ जवानों से बात की तो उनके दिल के दर्द उभर आया।
सेवानिवृत्त सूबेदार आरपी यादना का कहना है कि पुंछ की घटना आहत करने वाली है। पाक के सैनिकों का दुस्साहस भारतीय सेना के लिए चुनौती है। सरकार को चाहिए कि वह सेना को अटैक के आदेश दे ताकि पाकिस्तान को करनी सजा दी जा सके। यह भारत की क्षमता और देश के जज्बे का सवाल है।
पूर्व सैनिक अशोक सिंह ने कहा कि भारत सरकार शांतिवार्ता की बात करती है। पाक सेना की इस हरकत से शांति वार्ता जैसी बात सोचना भी बेमानी है। घर में घुस कर हमारे लोगों की हत्या हो और हम शांति वार्ता करें। यह कमजोरी और देश की सुरक्षा पर खतरे का परिचायक है। हमें भी पाक सैनिकों को जवाब देना चाहिए। शहीदों के मां और बाप को भी पेंशन मिलनी चाहिए।
सेवानिवृत्त सैनिक प्रताप नारायण शुक्ल ने कहा कि पुंछ की घटना के पीछे सरकार दोषी है। वर्ष 1983 में सीमा पर दो सिपाही शहीद हो गए। अब तक एक भी नेता ने दु:ख व्यक्त नहीं किया। सरकार ने सेना को हमला के लिए मना कर रखा है। हाथ में बंदूक तो है मगर वह चला नहीं सकते। जवानों की शहादत पर सरकार राजनीति कर रही है। यह शर्म की बात है।
पूर्व सैनिक मो. इदरीश ने कहा कि सरकार ने हाथों में सियासी चूड़ियां पहन रखी है। देश की सुरक्षा के बारे में हर व्यक्ति को जागना होगा। पाकिस्तानी सैनिकों की इस हिमाकत का जवाब देने की जरूरत है। पाक सैनिक कई बार ललकार चुके हैं। उन्हें इसका जवाब अब मिलना चाहिए।
रिटायर्ड कैप्टन ओएन शर्मा ने कहा कि पुंछ प्रकरण पाक सेना के नापाक इरादों को दर्शाता है। सरकारें घरेलू समस्या में ही उलझी हैं। सेना पर जवान शहीद हो रहे हैं। देश के जवान कतई कमजोर नहीं हैं। मगर सरकार ने उन्हें कमजोर होने पर विवश कर दिया है। अब हद हो गई है। एक बार पाक से भारत को जंग लड़ ही लेनी चाहिए।
सैनिक सुनील कुमार ने कहा कि सरकार ने सेना को गोली चलाने से मना कर रखा है। पाक सैनिकों का यह दुस्साहस पहली बार नहीं है। पाकिस्तानी सेना सरहद पर अचानक हमला करती है। इस बीच भारतीय सेना को गोली चलाने के लिए आदेश लेने की जरूरत होती है। हम जवाबी कार्रवाई नहीं कर सकते। सियासी लोग ही देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं।