फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में घंटे भर बेहोश पड़ी रही महिला

Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
Pratapgarh
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतापगढ़। जिला से लेकर महिला अस्पताल तक की दशा शर्मनाक है। जिम्मेदारों को भले शर्म न आए मगर मरीज व तीमारदार पानी-पानी हैं। यहां डीएम के निर्देश का भी कोई असर नहीं हुआ। महिला अस्पताल में इलाज को आई महिला ओपीडी के सामने घंटों पड़ी रही। जिला चिकित्सालय के मेडिकल वार्ड में भर्ती विक्षिप्त बेपर्द हो वार्ड के भीतर ही शौच कर रहा है। उसके उत्पात से मरीज हलाकान हो चुके हैं। नर्सों की लिखा-पढ़ी को भी अफसर रद्दी की टोकरी में डाल रहे हैं।
विज्ञापन

मरीजों की सुविधा के नाम पर विभाग सिर्फ गाल बजा रहा है। सच्चाई का आइना अव्यवस्था व उपेक्षा से शर्मसार है। शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में कंधई क्षेत्र के खभोर गांव की विमला इलाज कराने आई थी। ओपीडी के दरवाजे पर अचानक वह बेहोश होकर गिर पड़ी। अचेत इस महिला को देखना तक डाक्टरों ने मुनासिब नहीं समझा। अचानक कुछ लोगों को उस महिला पर दया आई। चेहरे पर पानी का छींटा डाल कर उसे होश में ले आए और प्रतीक्षा के लिए कुर्सी पर बैठा दिया। उसके साथ करीब चार साल उसका पुत्र अंकुर भी था। मां की दशा देख रो-रोकर उसका बुरा हाल रहा। हैरान करने वाली बात जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भी नजर आई। तकरीबन पंद्रह दिन पूर्व बेहोश मिले एक विक्षिप्त को भर्ती किया गया। उसकी हरकत से वार्ड में भर्ती दर्जनों मरीजों का जीना दुश्वार हो गया है। बेपर्द होकर वह महिला और पुरुष मरीज से भरे वार्ड में शौच कर रहा है। निर्वस्त्र पूरे वार्ड में घूम कर मरीजों की खाद्य सामग्री को भी नष्ट कर रहा है। उसके जरिए फैलाई गई गंदी से मरीज ठीक होने के बजाए और बीमार पड़ रहे हैं। इस अव्यवस्था से आक्रोशित लोगों ने वार्ड की स्टाफ नर्स का घेराव किया। नर्स ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। स्टाफ नर्स शकीला सिद्दीकी ने कहा कि उसे मेंटल हास्पिटल भेजने के लिए अफसरों को लिखा गया है। पत्र पुलिस को भी भेजा गया। मगर कोई इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। पूरा वार्ड उसकी हरकत से शर्मसार है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसी त्रिपाठी ने कहा कि अवकाश पर होने के कारण ऐसी सूचनाएं नहीं हैं। आने के बाद उसे मेंटल हास्पिटल भेजा जाएगा। अनदेखी जैसी कोई बात नहीं है। उसकी हरकत शुक्रवार को ही बढ़ी होगी। इसके पहले तक ऐसी बातें नहीं थीं।
विज्ञापन

महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. मधुरिमा श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं सुबह से ही बगैर कुछ खाए इलाज के लिए आ जाती हैं। उमस भरी गर्मी के कारण वह बेहोश हुई होगी। ओपीडी के सामने बेहोश महिला की देखरेख डाक्टरों को करना चाहिए था। मामले में जवाब तलब किया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें