प्रतापगढ़। बसपा नेता और शहर निवासी शिव प्रकाश मिश्र सेनानी पर नोएडा में रेलवे ठेकेदार के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने से बेल्हा में सनसनी मच गई। हालांकि जिला पुलिस को घटना की कोई खबर नहीं रही लेकिन शाम को नोएडा पुलिस के आने की जानकारी मिली।
इलाहाबाद में रेलवे के ठेकेदार और शहर के वृंदावन टाकीज के पीछे रहने वाले रमेश प्रताप सिंह 13 सितंबर को किसी काम से नोएडा गए थे। उन्हाेंने एक दिन पहले विजेंद्र भाटी नामक व्यक्ति के खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर किया था। नोएडा पहुंचने की रात ही उनका संदिग्ध परिस्थितियाें में अपहरण कर लिया गया। मामले में रमेश के बेटे तरुण की तहरीर पर नोएडा में सेनानी और उनके साथ काम करने वाले विजेंद्र भाटी एवं मैनेजर प्रदीप पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसकी जानकारी बेल्हा के लोगाें को हुई तो हर कोई हैरान रह गया। सेनानी के अलावा अन्य दोनाें आरोपियाें को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सेनानी की बाबत लोगाें को उम्मीद थी कि उनकी तलाश के लिए नोएडा पुलिस बेल्हा आएगी या फिर यहां कोतवाली को उनकी गिरफ्तारी के लिए कहा जाएगा। हालांकि शाम तक जिले के अफसराें को घटना की बाबत कोई जानकारी ही नहीं थी। सीओ सिटी शिवाजी शुक्ला ने बताया कि उन्हें घटना की बाबत कोई जानकारी नहीं है। न ही नोएडा पुलिस ने कोई सूचना दी है।
उधर, रमेश का घर लालगंज इलाके में होने के कारण शाम को नोएडा पुलिस के वहां धमकने की सूचना मिली। बताते हैं कि पुलिस ने उनके कुछ करीबियाें का नाम जानने का प्रयास किया। हालांकि लालगंज पुलिस ने किसी जानकारी से इनकार किया। इधर, जिले के सियासी गलियारे में सेनानी पर अपहरण का केस दर्ज होने के बाद सरगर्मी बढ़ गई। लोग रमेश और सेनानी के व्यवसायिक संबंधाें को लेकर चर्चा कर रहे थे।