वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मंगलवार को कोषागार से 93.26 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। अंतिम चरण में शासन ने लोक निर्माण विभाग को डेढ़ करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया। विभागीय अफसर इस बजट को ठिकाने लगाने के लिए माथा-पच्ची करते रहे।
मंगलवार को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार में दिन भर विभागीय कर्मचारियों का जमावड़ा लगा रहा। अफसरों के यात्रा भत्ता, एरियर, मेडिकल भुगतान के साथ ही निर्माण कार्य में लगी कार्यदायी संस्थाओं की मोटी-मोटी फाइलें सुबह से ही कोषागार पहुंचने लगीं। लोक निर्माण विभाग ने दो दिन पहले पांच करोड़ रुपये यह कहकर वापस कर दिया था कि बजट का आवंटन देर से हुआ था। मगर मंगलवार को शासन ने डेढ़ करोड़ रुपये का बजट भेजकर खर्च करने को कहा। नया बजट आने से अफसरों की बेचैनी बढ़ गई।
अफसरों ने अपने आवास पर कर्मचारियों को बुलाकर बजट खर्च की रूपरेखा तैयार की और शाम होते ही भुगतान भी हो गया। कोषागार से चालू वित्तीय वर्ष का सबसे अधिक भुगतान मंगलवार को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 93.26 करोड़ रुपये हुआ। वरिष्ठ कोषाधिकारी अनामिका सिंह ने बताया कि मंगलवार का दिन सबसे व्यस्त दिन रहा। शासन ने शाम साढ़े छह बजे तक भुगतान का समय दिया था।
उप निबंधक कार्यालय पर हुई रजिस्ट्री
प्रतापगढ़। मंगलवार को अवकाश के बाद भी उप निबंधक सदर कार्यालय पर स्टाम्प की बिक्री हुई। लोगों ने ऑनलाइन स्टाम्प खरीदकर रजिस्ट्री कराई। उप निबंधक सदर आशीष कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को छह रजिस्ट्री हुई। संवाद