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दया, करुणा की प्रतिमूर्ति थे सूर्यबली

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दया, करुणा की प्रतिमूर्ति थे सूर्यबली
रामानुज आश्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. सूर्यबली पंाडेय की मनाई गई पुण्यतिथि
प्रतापगढ़। शहर के शिवजीपुरम स्थित रामानुज आश्रम में सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. सूर्यबली पांडेय की पुण्यतिथि सद्भावना दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक संगमलाल शुक्ल ने कहा कि पंडित जी दया, करुणा की प्रतिमूर्ति थे। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का कारक है। उन्होंने बताया कि पंडितजी ने विनोबाजी के बताए रास्ते पर चलकर उनके साथ गौरा से लेकर शाहगंज तक भूदान आंदोलन में पदयात्रा की थी। अध्यक्षता करते हुए लोकतंत्र रक्षक सेनानी कृपाशंकर ओझा ने कहा कि पंडितजी देश की आजादी में जेल में गए। उनमें देश के प्रति सच्ची भक्ति थी। पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी ने भी उनके जीवन पर प्रकाश डाला। संचालन ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुजदास ने किया। इस अवसर पर राम सिंह, भानु प्रताप त्रिपाठी, संतोष त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ला, मानस पांडेय आदि मौजूद रहे।
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बढ़ा मतदान प्रतिशत, अभियान को मिली सफलता
प्रतापगढ़। शहर के अजीतनगर स्थित सृजना कुटीर में एलायंस क्लब इंटरनेशनल की बैठक हुई। पदाधिकारियों ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रशासन की सराहना की। क्लब के इंटरनेशनल एडवाइजर समाजसेवी रोशन लाल ऊमरवैश्य ने कहा कि चुनाव पूरी तरह से शांतिप्रिय रहा। किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। हर साल की अपेक्षा इस वर्ष मतदान प्रतिशत भी बढ़ा है। क्लब व प्रशासन का अभियान पूरी तरह सफल रहा। डा. दयाराम मौर्य रत्न, आनंद मोहन ओझा, राकेश कन्नौजिया, जितेंद्र कुमार मौर्य, सिद्धांत शेखर मौर्य, रेखा ऊमरवैश्य, अर्चना खंडेलवाल, प्रीति, आरती आदि मौजूद रहीं।
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झलकी आस्था, कलशयात्रा में गूंजे मंगलगीत
भवानीपुर गांव में वैदिकमंत्रों के बीच श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
संडवाचंद्रिका। सोमवार को भवानीपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा के उपलक्ष्य वैदिकमंत्रों के बीच गाजे- बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश लिए महिलाओं ने गांव-गांव भ्रमण कर श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य बताए। इससे भक्तिमय माहौल बना रहा।
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गोपाल शरण देवाचार्यजी महराज ने वैदिकमंत्रों के बीच कलश यात्रा का शुभारंभ कराया। महिलाएं मगलगीत का गायन करती हुई गांव में भ्रमण को निकलीं। भवानीपुर से महिलाएं कलश लेकर अंतू, गणेशपुर, अमरपुर, होते हुए जालिपा देवी धाम पहुंचीं। यहां कलश यात्रा समाप्त हुई। इसके बाद मंत्रों के बीच कलश पूजन हुआ और सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा की मुख्य यजमान श्रीमती शकुंतला पंाडेय पत्नी स्व. मनीश्वरदत्त पंाडेय न वेदीपूजन कर कथा श्रवण किया। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों की भीड़ कथा श्रवण को उमड़ी रही।
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