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डीएम ने पट्टी और कालाकांकर के बीडीओ का रोका वेतन

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डीएम ने पट्टी और कालाकांकर के बीडीओ का रोका वेतन
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समीक्षा बैठक में नदारद रहे बीडीओ, छह गोवंश आश्रय केंद्रों को भेजी धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। डीएम मार्कंडेय शाही ने लापरवाह पट्टी के बीडीओ राम प्रसाद सिंह और कालाकांकर के बीडीओ साखी गोपाल दुबे के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। सोमवार को गोवंश आश्रय स्थल की समीक्षा बैठक से यह दोनों नदारद थे। डीएम ने नाराजगी प्रकट करते हुए सभी बीडीओ और ईओ से कहा है कि वह अपने तैनाती वाले स्थल पर ही रात्रि निवास करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यालय छोड़ने के पहले अनुमति लेना आवश्यक है।
सोमवार को कैंप कार्यालय के सभागार में स्थायी-अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल के निर्माण एवं संचालन के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए डीएम ने बीडीओ और ईओ से कहा कि छह गोवंश आश्रय स्थल निर्माण के लिए धनराशि ग्राम प्रधान के खाते में अवमुक्त की जा चुकी है। डीएम ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए अविलंब मांगपत्र भेजने को कहा है। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने को कहा। डीएम ने कहा कि सभी खंड विकास अधिकारी अपने क्षेत्र में चल रहे गोवंश आश्रय स्थल की संबंधित वेटनरी आफिसर, ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान के साथ निरीक्षण करके रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को देंगे। जिन गोवंश आश्रय स्थल पर पशुओं को रखा गया है, वहां पर चारा, पानी, छाया की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित कराएंगे। डीएम ने बीडीओ और ईओ से कहा है कि अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत मतदान केंद्रों पर भ्रमण करें। शौचालय, आने-जाने के रास्ते का निर्माण, विद्युतीकरण, कैंपस में मतदाताओं के खड़े होने वाले स्थान पर साफ-सफाई, दिव्यांग तथा वरिष्ठ नागरिकों के बैठने के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था कराएंगे। उन्होंने कहा कि समस्त मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को पानी पिलाने के लिए एक कर्मचारी की तैनाती की जाएगी। बैठक में सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, डीडीओ सुदामा प्रसाद, पीडी दयाराम यादव, डीएफओ वीआर अहिरवार आदि मौजूद रहे।
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प्रत्याशियों को शपथपत्र में लिखनी होगी मुकदमों की संख्या
प्रतापगढ़। डीएम मार्कंडेय शाही ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों से शपथपत्र में मुकदमों की संख्या लिखना अनिवार्य कर दिया है। अगर किसी के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं दर्ज है तो उसे क्रास का निशान नहीं लगाना होगा, बल्कि निल लिखना होगा।
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डीएम ने सोमवार को जारी नए निर्देश के क्रम में कहा है कि उम्मीदवारों के आपराधिक पृष्ठभूमि और शैक्षिक योग्यता के संबंध में पत्र संख्या-3 नामांकन के समय टाइप किया हुआ, हस्तलिपि में हो तथा स्वच्छ एवं पठनीय नवीन प्रपत्र-26 संलग्नक-01 पर सौ रुपये के नान जूडिशियल स्टांप पेपर पर शपथ पत्र दाखिल किया जाएगा। यदि कोई कॉलम खाली छोड़ दिया जाता है या दी गई सूचना भ्रामक या अपठनीय है, तो तत्काल उम्मीदवार को इस कमी को दूर करने के लिए कहा जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया है तो उस दशा में शपथ पत्र वेबसाइट से हटाया नहीं जाएगा। प्रत्याशियों को चल संपत्तियों के विवरण के कॉलम में बैंक/पोस्ट आफिस में डिपाजिट धनराशि का विवरण देना ही पर्याप्त होगा, खाता संख्या देना अनिवार्य नहीं है। लंबित आपराधिक मुकदमों का उल्लेख करना होगा, जिसमें एफआईआर नंबर, पुलिस थाना का नाम, मुकदमा संख्या, न्यायालय का नाम, धारा का विवरण के साथ ही सरकारी आवास के किराए, विद्युत, जल, टेलीफोन का बकाया न होने का भी प्रमाणपत्र देना होगा।
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