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होली में हुड़दंग काटने वाले युवाओं को लापरवाही पड़ सकती है भारी

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होली में हुड़दंग काटने वाले युवाओं को लापरवाही पड़ सकती है भारी
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केमिकल मिले रंग चेहरे और आंख के लिए बन सकते हैं खतरा
चोट लगने पर अस्पतालों में नहीं मिलेंगे डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। होली का हुड़दंग काटने वाले युवाओं को लापरवाही भारी पड़ सकती है। होली के दिन चोट लगने, आंख में केमिकल पड़ने से सीएचसी और पीएचसी में डॉक्टर खोजने के बाद भी नहीं मिलेंगे। ऐसी दशा में होली में रंग तो खेले, मगर सेहत को लेकर सावधान रहें।
गुरुवार को रंगों का पर्व होली धूमधाम से मनाने के लिए लोग बुधवार को दिनभर तैयारियों को लेकर व्यस्त रहे। घर के मुखिया जहां गुझिया, खान-पान की तैयारियों को लेकर परेशान दिखे, वहीं युवा वर्ग केमिकल युक्त रंग, नशा के लिए शराब, भांग और गांजा के जुगाड़ में लगा रहा। होली में नशा करना एक शौक होता जा रहा है। गुरुवार को दुकानों के बंद होने से अलर्ट अधिकांश लोग गुरुवार को स्टाक जमा करने में लगे रहे। होली के दिन प्राय: यह देखने को मिलता है, नशा करने वाले युवा कुछ अधिक ही हुड़दंग करते हैं। मगर इससे उनका नुकसान होने के साथ ही मित्रों और पड़ोसियों का भी नुकसान होता है। कभी-कभी ऐेसा भी देखने को मिलता है कि होली के हुड़दंग में कूदने वाले युवा अपना जोश खो बैठते हैं और अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। ऐसे में सेहत का ख्याल रखने के साथ ही केमिकल युक्त रंगों से बचने की आवश्यकता है। अगर कोई व्यक्ति लापरवाही के चलते चोट का शिकार होता है, तो इलाज के लिए कोई नहीं मिलेगा।
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इनसेट--------
कपड़ा फाड़ होली खेलने वालों पर रहेगी पुलिस की नजर
कपड़ा फाड़ होली खेलने वालों पर इस वर्ष पुलिस की नजर रहेगी। पिछले वर्ष कपड़ा फाड़ होली को लेकर कुंडा में बड़ा बवाल होने से टल गया था। इसलिए इस वर्ष ऐेसे युवाओं पर नजर रखने को कहा गया है।
इनसेट-------
सीएचसी पर डाक्टरों के मौजूद रहने का निर्देश
सीएमओ ने पत्र जारी कर सीएचसी और पीएचसी पर तैनात सभी डाक्टरों को होली के दिन उपस्थित रहने को कहा है। मगर यह आदेश कितना प्रभावी होगा, यह तो नहीं कहा जा सकता है।
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वर्जन-------
होली का त्योहार हर्षोल्लास का पर्व है, इसलिए सभी लोगों को मिलकर खुशियों को साझा करना चाहिए। किसकी को नुकसान पहुंचाकर खुशियों को साझा करना अच्छी बात नहीं है। फिलहाल जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी पर डाक्टरों को मौजूद रहने को कहा गया है।
शत्रोहन वैश्य, एडीएम
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