कुंभ में विदेशियों को लुभाएंगे ‘अमृतफल’ के उत्पाद
कैंडी, जैली, जैम, बर्फी, मुरब्बा और चूर्ण का चखेेंगे स्वाद
एक जनपद, एक उत्पाद योजना के तहत किया गया है चयन
कुंभ में नि:शुल्क स्टाल लगाने की मिली छूट
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। विदेशियों के लिए कुंभ नगरी में बेल्हा का अमृतफल आकर्षण का केंद्र रहेगा। कुंभ नगरी में अमृतफल का मुरब्बा और बर्फी ही नहीं, बल्कि कैंडी, जूस, जैली, जैम और हाजमा दुरुस्त करने के लिए चूर्ण का विशेष स्वाद तैयार किया है। अमृतफल से तैयार चूर्ण विदेशियों के हाजमा को भी दुरुस्त करेंगे। एक उत्पाद, एक योजना के तहत चयनित अमृतफल के उत्पादों का कुंभ में लगने वाले स्टाल पूरी तरह नि:शुल्क होंगे।
‘बिटामिन सी’ से भरपूर आंवले को एक जनपद, एक उत्पाद योजना में शामिल करने से जिले के व्यवसाइयों का हौसला तब दोगुना हो गया, जब कुंभ नगरी में स्टाल लगाने का न्योता मिल गया। अमृतफल के उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए जिले के 20 व्यवसाइयों को आर्थिक रूप से सबल बनाने का प्रयास होने के साथ ही कुंभ में अपनी पहचान बनाने का मौका मिला है। जिले के प्रमुख उत्पादों में आंवला अभी तक मुरब्बा, जूस और बर्फी तक ही सीमित था, मगर कुंभ में बड़ी संख्या में विदेशियों के आगमन को दृष्टिगत रखते हुए जैली, जैम, कैंडी, चूर्ण का भी उत्पाद कर नया आयाम देने का प्रयास किया है। जिले में वैसे अधिकांश लोगों ने अमृतफल के उत्पाद की दुकानें खोल रखी हैं, मगर कुछ ऐसे भी व्यवसाई हैं, जिन्होंने अमृतफल के उत्पादों को देश-विदेश में पहुंचाकर बेल्हा का नाम रोशन कर रहे हैं।
कुंभ में अमृतफल के उत्पादों की दुकानें सजाने के लिए दो माह पहले जिले में निमंत्रण आते ही व्यवसाइयों के खुशी का ठिकाना नहीं था। ऐेसा पहली बार हो रहा है कि बेल्हा का उत्पाद से सजने वाले स्टाल से कोर्ई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। कुंभ नगरी में जिले के एक दर्जन से अधिक व्यवसाइयों के स्टाल लग रहे हैं।
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अंग्रेजी और हिंदी में अंकित होंगे आंवले के गुण
विदेशियों को अमृतफल के उत्पादों से अवगत कराने के लिए अंग्रेजी में साइन बोर्ड लगाया जाएगा। स्टाल पर आने वाले विदेशियों को विशेषता बताने में अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए उत्पाद के ऊपर भी जानकारियां दी जा रही हैं।
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कुंभ नगरी के लिए रवाना हुए व्यवसाई
जिले के व्यवसाई अमृतफल का उत्पाद लेकर कुंभ नगरी के लिए शनिवार को रवाना हो गए हैं। हालांकि उन्हें स्टाल एक माह पहले ही मिल गए थे। मगर 15 जनवरी को पहला स्नान पर्व होने शनिवार को ही अपना सामान लेकर रवाना हुए। दरअसल में कुंभ में 13 जनवरी से ही वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगने की घोषणा पहले ही हो चुकी है।
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जिले के आंवला उत्पादों के स्टालों को कुंभ नगरी में लगाने के लिए एक दर्जन व्यवसाइयों को प्रेरित किया गया है। कुंभ के इन उत्पादों से जिले के व्यवसाइयों को भी लाभ मिलेगा।
रामजी, प्रभारी उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र