सड़कों पर गंदगी, जंग खा रही 30 लाख की मशीन
दो साल पहले नगर पालिका ने खरीदी थी रोड स्वीपिंग मशीन
शहर की हर सड़कों पर दिन रात उड़ती है धूल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। नगर पालिका की रोड स्वीपिंग मशीन शहीद उद्यान में जंग खा रही है। वहीं शहर की सड़कों पर उड़ती धूल से दुकानदार से लेकर राहगीर तक परेशान हैं। लगभग 30 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई रोड स्वीपिंग मशीन का प्रयोग नहीं हो रहा। इससे दिन-रात शहर की सड़कों पर धूल उड़ती रहती है। शहरियों को होने वाली दिक्कत के बावजूद पालिका के अफसर के कानों में जूं नहीं रेंग रही है।
दो साल पहले नगर पालिका की ओर से शहर की सड़कों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीन खरीदी गई थी। इस मशीन की खरीद पर नगर पालिका ने करीब 30 लाख रुपये खर्च किए थे। मगर हालत यह है कि जिस दिन से मशीन खरीदी गई, उस दिन से अब तक मात्र शहर की सड़कों पर 10-15 दिन ही यह नजर आई। रोड स्वीपिंग मशीन को शहीद उद्यान गार्डेन के गोदाम में खड़ा किया गया है। अब मशीन में जंग लगने लगी है। जबकि शहर की सड़कों पर धूल उड़ने से लोगों को परेशानी हो रही है। इस साल भले ही कागज पर रोड स्वीपिंग मशीन को चलाने के लिए लिखापढ़ी की गई हो, लेकिन एक दिन भी सड़क पर मशीन सड़क पर चलते नहीं दिखी। अफसरों का तर्क रहता है कि मशीन के संचालन के लिए कोई कुशल चालक मौजूद नहीं है। इस कारण यह प्रयोग में बहुत कम लाई जाती है।
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ईंधन की अधिक होती है खपत
नगर पालिका के अफसरों का तर्क है कि रोड स्वीपिंग मशीन अधिक ईंधन की खपत करती है। इस कारण पालिका पर अतिरिक्त भार पड़ता है। अफसरों का कहना है कि इससे कम लागत में सफाई कर्मचारियों को लगाकर सफाई कराई जा सकती है। अब सवाल यह उठता है कि यदि रोड स्वीपिंग मशीन से ईंधन की अधिक खपत होती है तो ऐसी मशीन खरीदने की क्या आवश्यकता थी। जिससे शहर के विकास के लिए उतनी धनराशि खर्च की जाती।
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कुशल चालक की भी कमी बनी है रोड़ा
रोड स्वीपिंग मशीन के लिए पालिका के पास कोई कुशल चालक नहीं है। इसके बाद भी पालिका अफसरों ने कुशल चालक के चयन के लिए कोई कदम नहीं उठाया। दो साल बाद भी कुशल चालक तैनात किया जाना अफसरों की लचर कार्यशैली को बयां कर रहा है।
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तीसरी आंख हो गई खराब
शहीद उद्यान में लाखों रुपये खर्च कर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह ने सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। ताकि पार्क की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पालिका के लोगों की मानें तो कुछ दिनों तक सबकुछ ठीकठाक चलता रहा। बाद में शहीद उद्यान में लगी तीसरी आंख बंद हो गई। सालों से बंद सीसीटीवी कैमरे पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी पालिका प्रशासन उसकी सुधि नहीं ले रहा है। जिससे उसकी उपयोगिता को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
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अब सोलर पैनल से नहीं चलता सबमर्सिबल पंप
शहीद उद्यान में नगर पालिका ने सरकारी खजाने से बिजली न रहने पर सोलर पैनल से सबमर्सिबल पंप चलाकर पार्क के पौधों की सिंचाई की जाती थी। सोलर पैनल भी कुछ दिनों तक उपयोग में लाया गया। रखरखाव के अभाव में सोलर पैनल जगह-जगह से खराब होता जा रहा है। सोलर पैनल में लगा जंग इस बात का साक्ष्य है कि पालिका के जिम्मेदार सरकारी खजाने की देखभाल करने में कितनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
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अभी इस बारे में कुछ बता नहीं सकता। जो होगा देखा जाएगा। सीएम की वीसी होने जा रही है, अभी व्यस्त हूं।
मनोज, प्रभारी ईओ/ अपर जिलाधिकारी।