मै यूं मरूं की तिरंगा नसीब हो मुझको...
कवियों ने अपनी रचनाओं से देशप्रेम और भारतीय संस्कृ ति का किया बखान
जीआइसी ग्राउंड मेें संचेतना की ओर से 52वें राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयेाजन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। दीया बनूं तो पंतिगा नसीब हो मुझको, नहाना चाहूं तो गंगा नसीब हो मुझको.... मेरी तमन्ना अगर कोई है तो बस ये है, मै यूं मरूं की तिरंगा नसीब हो मुझको...। देश की संस्कृति व राष्ट्रभक्ति को समर्पित शायर कुंवर जावेद की यह पंक्तियां शहर के जीआईसी ग्राउंड में गूंजी, तो हर कोई देशभक्ति की भावना में डूब गया। भारत माता के जयकारे के बीच सभी ने तालियां बजाकर कर जावेद का स्वागत किया। अवसर था संचेतना संस्था के 52वें राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का। देर रात तक कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज के हर मुद्दे पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने किया।
मां वीणापाणि क ी वंदना व स्वागत गीत से कवि सम्मेलन का आगाज हुआ। मखदूम फूलपुरी ने पढ़ा, ये और बात है जीत का तमगा मिला नहीं, लेकिन खुशी है जंग में पीछे हटा नहीं। शायरा निकहत अमरोही ने सुनाया, कैसे मैं छोड़ दूं मां-बाप की खिदमत निकहत, अपनी जन्नत को मैं बेकार नहीं कर सकती। मां की ममता के महत्व को दर्शाने वाली इस पंक्ति पर सभी ने तालियां बजाईं। संस्थापक दयाशंकर शुक्ल हेम को, वर्षभर जोगियों सा विचरता फिरूं, इस निशा आप सबकी नजर के लिए...पर खूब वाहवाही मिली। लाफ्टर चैलेंज के विजता प्रताप फ ौजदार ने पढ़ा, वफा इमान की बातें किताबों में ही मिलती हैं, भरोसा रोज मिलता है, भरोसा रोज डसता है। इसके अलावा कवि अनूप अनुपम, शायरा रंजना सिंह, रवींद्र अजनबी, सूफियान अर्शलान आदि ने भी अपनी कविताओं से लोगों को खूब हंसाया। संचालन शशिकांत यादव ने किया। इस अवसर पर डा. राकेश सिंह, अश्विनी सोनी, संजय पांडेय, अनूप अनुपम, अशोक पांडेय, सिंधुजा मिश्र, रामचंद्र सिंह को सम्मानित किया गया। इस मौके पर हरिशंकर सिंह, हनुमान प्रसाद, बब्बू अनिल वाजपेयी, हरिशंकर सिंह, श्रीकिशोर अग्रवाल, डा. अनिल प्रताप त्रिपाठी, फारुख अली, धर्मशील शुक्ला आदि मौजूद रहे।
फोटो 000
प्रेम का संदेश देता है होली का पर्व: धीरज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। नेशनल यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में रविवार को शहर के हादीहाल में होली मिलन समारोह का आयेाजन हुआ। समारोह मेें शामिल हुए शिक्षक, प्रबंधक, अधिवक्ता एवं जनप्रतिनिधियों ने एक दूसरे को रंग, अबीर-गुलाल लगाकर आपसी सौहार्द्र कायम रखने का संदेश दिया।
बतौर मुख्य अतिथि रानीगंज विधायक धीरज ओझा ने कहा कि होली का त्योहार समरसता व आपसी सौहार्द्र का प्रतीक है। यह पर्व हमें एकता की डोर में बांधता है। गिले-शिकवे भुलाकर सभी एक हो जाते हैं। जरूरत है इस सौहार्द्र का कायम रखने की। राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष शुक्ल ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष स्कंद नारायण त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर कुंदन सिंह, अजीत शर्मा, देवेश तिवारी, धवल द्विवेदी, मनोज शुक्ला, कार्तिकेय आदि मौजूद रहे।