प्रतापगढ़। इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षा में केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षकों की मनमानी नहीं चल सकेगी। कक्ष निरीक्षकों का यूनिक कोड बनेगा। इससे उसकी पहचान सचल दल की टीम अपने रजिस्टर से कर सकेगी। ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों का भी ब्योरा परीक्षा केंद्र व सचल दल के पास रहेगा।
बताया जाता है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र में फोटो चस्पा कर दूसरे शिक्षकों के ड्यूटी करने का मामला सामने आया था। इस बार नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए तैयारियां हो रही हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने बताया कि जिले के 218 परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक, शिक्षक से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक का यूनिक कोड बनाया गया है। कालेजों से सभी शिक्षकों की सूची विषय के साथ मांगी गई है। कालेज में परीक्षा के समय एक रजिस्टर रहेगा। इस पर शिक्षकों का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। इस रजिस्टर से ही कक्ष निरीक्षकों का यूनिक कोड बनेगा। रजिस्टर पर दर्ज सूचनाओं पर उनके हस्ताक्षर होंगे। ताकि उसमें बदलाव न किया जा सके। परीक्षा केंद्र पर तैनात कक्ष निरीक्षकों व कर्मचारियों का ब्योरा विभाग के पास रहेगा। परीक्षा के दौरान कालेजों का निरीक्षण करने वाले सचल दल के पास रिपोर्ट मौजूद रहेगी ताकि टीम के लोग कक्ष निरीक्षकों का रजिस्टर व अपने पास उपलब्ध अभिलेखों से मिलान कर सकें। यूनिक कोड से पता चल सकेगा कि कक्ष में ड्यूटी करने वाले निरीक्षक फर्जी तो नहीं है। यदि जांच के दौरान ऐसा मिला तो शिक्षक संग केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
जनपद में 6 फरवरी से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू होंगी। परीक्षा के दौरान जिम्मेदारी से बचने के लिए कुछ प्रिंसिपल बीमार होने की सूचना देकर अवकाश पर चले जाते हैं। इससे विभाग को नए केंद्र व्यवस्थापक की नियुक्ति संबंधित केंद्र पर करनी होती है। मगर इस बार विभाग ने बीमारी का बहाना बनाकर अवकाश पर जाने वाले प्रधानाचार्यों पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। बीमार होने वाले प्रिंसिपलों का सीएमओ के नेतृत्व में गठित टीम परीक्षण करेगी। अगर सीएमओ संबंधित प्रधानाचार्य के बीमार होने की पुष्टि करते हैं, तभी अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक का यह भी कहना है कि शिक्षकों व कर्मचारियों को दी गई जिम्मेदारी निभानी होगी।