प्रतापगढ़। जिले की एक नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों में आबादी के हिसाब से वार्डों का विकास कराने के लिए शासन से धनराशि मिलेगी। शपथ लेने के बाद किसी को खजाना भरा मिलेगा तो किसी को एक-दो माह तक इंतजार करना होगा। सबसे अधिक कुंडा नगर पंचायत में विकास कार्यों के लिए धनराशि शासन से मिलती है तो सबसे कम कटरामेदनीगंज, अंतू व पट्टी नगर पंचायत को। नगर पालिका में हर माह लगभग 85 लाख से अधिक रुपये आते हैं। नगर पंचायतों में 11 से लेकर 45 लाख रुपये तक की धनराशि विकास कार्य व कर्मचारियों के वेतन के लिए प्राप्त होती है।
शहर की सरकार 12 दिसंबर को शपथ लेने जा रही है। सरकार बनते ही मोहल्लों की तमाम समस्याओं के निदान के लिए भी पब्लिक अध्यक्ष व सभासद के दरवाजे पर दस्तक देना प्रारंभ कर देगी। इसके अलावा चुनाव में किए गए वादों को भी पूरा करना प्राथमिकता में शामिल होगा। शासन द्वारा नगर पालिका से लेकर नगर पंचायतों को आबादी के हिसाब से विकास कार्यों, कर्मचारियों के वेतन से लेकर दूसरे कार्यों के लिए धनराशि भेजता है। हर माह प्रदेश सरकार से नगर पालिका को लगभग 85 लाख, नगर पंचायत कुंडा में 45 लाख, नवसृजित नगर पंचायत लालगंज 35 लाख, रानीगंज 30 लाख रुपये आते हैं। सबसे कम धनराशि कटरामेदनीगंज, अंतू, पट्टी में लगभग 11 से 15 लाख के बीच आती है।
सिटी में लगभग 16 लाख रुपये हर माह आ जाता है। राज्य वित्त के मद से मिलने वाली धनराशि से कर्मचारियों का वेतन, पेंशन, उपकरणों, वाहनों के रखरखाव से लेकर दूसरे कार्यों के लिए खर्च करने के लिए प्राप्त होते हैं। वेतन से लेकर दूसरे कार्यों से जो धनराशि शेष बचती है उसी से मोहल्लों में इंटरलाकिंग, नाली का निर्माण व पेयजल की व्यवस्था की जाती है। 12 दिसंबर को शपथ लेने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष से लेकर नगर पंचायतों के अध्यक्ष व सभासद विकास कार्यों की रूपरेखा बनाएंगे। इस बार शासन नगर पालिका व नगर पंचायतों के विकास के लिए अधिक बजट देगा।