प्रतापगढ़। कर्जमाफी के दायरे में आने वाले पहले चरण के किसानों को सितंबर के प्रथम सप्ताह में प्रमाण पत्र मिलेगा। ऋणमाफी की धनराशि तो बैंकों के खाते में भेजी जाएगी, मगर प्रमाणपत्र जिला प्रशासन कैंप लगाकर बांटेगा। प्रशासन ने पहले चरण में शामिल 33,222 किसानों का सत्यापन डोर-टू-डोर करा रहा है।
कर्जमाफी के दायरे में जिले के करीब 67,855 किसान हैं। मगर इनमें से तकरीबन 33,222 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने ने बैंकों में अपना आधार नंबर दे दिया है। इसलिए जिला प्रशासन ने इन किसानों को पहले चरण की ऋणमाफी में शामिल कर सत्यापन की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। डीएम ने सभी एसडीएम को पत्र लिखकर दस अगस्त तक सत्यापन की रिपोर्ट मांगी है। सत्यापन में इस बात की जांच की जाएगी कि बैंकों ने जो नाम मुहैया कराया है, वह किसान उस स्थान का रहने वाला है या नहीं। सत्यापन की रिपोर्ट आने के बाद यह सूची शासन को भेजी जाएगी। प्रमाणपत्र वितरित करने का आदेश जारी होते ही जिले में कैंप लगाकर प्रमाणपत्रों का वितरण किया जाएगा। दीपावली के पहले ही सभी किसानों को कर्जमाफी का प्रमाणपत्र मिल जाएगा।
किसानों को ऋणमाफी का प्रमाणपत्र वितरित करने के लिए मुख्यालय और तहसील स्तर पर कैंप लगाया जाएगा। जो किसान पहले चरण में छूट गए हैं, वह ऐसे किसान हैं, जिन्होंने आधार नंबर नहीं दिया था। अब बैंकों में जिसका आधार फीड हो गया है, उसे दूसरे चरण में लाभांवित किया जाएगा। -एएन सिंह, एलडीएम, प्रतापगढ़।