जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में अब प्रवासी मजदूरों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। जिले में 80 इंटर और डिग्री कालेजों को शेल्टरहोम के रूप में चिह्नित किया गया है। बाहर से आने वालों को 21 दिन होम क्वारंटीन रहना होगा। अगर कोई इसका पालन नहीं करता है तो उसे शेल्टर होम में भेज दिया जाएगा।
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में प्रवासी मजदूरों को अब क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में आए दिन होने वाले विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने फैसला किया है कि गैर प्रांत से आने वालों को 21 दिन होम क्वारंटीन किया जाएगा। गांव के प्रधानों को कोई व्यवस्था नहीं करनी है। वह निगरानी समिति के अध्यक्ष हैं। इसलिए बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वारंटीन होने के लिए कहेंगे। बात नहीं मानने वाले व्यक्ति की सूचना कंट्रोलरूम में देंगे। जिस पर प्रशासन ऐसे लोगों को शेल्टर होम में क्वारंटीन करा देगा।
जिला प्रशासन ने जिले के 80 हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और डिग्री कालेजों को शेल्टर होम के रूप में चिह्नित किया है। इसमें कुल 16,495 लोग क्वारंटीन किए जा सकेंगे। जिले के जयमंगल सिंह प्राथमिक शिक्षण संस्थान, आत्रेय अकेडमी, बीएसएस एकेडमी में वर्तमान में 736 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर गठित निगरानी समितियां बाहर से आने वालों पर नजर रखेंगी। ग्राम प्रधान निगरानी समिति का अध्यक्ष होगा। मुंबई, गुजराज से आने वाले लोगों को 21 दिन घरों में ही क्वारंटीन रहने को कहा जाएगा। अगर कोई व्यक्ति निगरानी समिति के अध्यक्ष की बात नहीं मानता है तो प्रधान कंट्रोलरूम को सूचना देंगे। पुलिस उसे पकड़ कर शेल्टर होम में 21 दिन के क्वारंटीन करेगी।
जिले के प्राइमरी स्कूलों में क्वारंटीन होने वाले प्रवासी मजदूर प्रधानों से खाना-पानी और पूरी जिम्मेदारी निभाने को कहते हैं। पट्टी में क्वारंटीन लोगों ने प्रधान के कुनबे की मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जबकि बाघराय में भी इसी प्रकार की घटना हुई है।