प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का लाभ पाने के लिए जिले की 7640 प्रसूताएं परेशान हैं। वह अस्पताल और सीएमओ आफिस के चक्कर काट रहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उन्हें मार्च से बजट न मिलने की बात कहकर लौटा दे रहे हैं।
शासन पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत पांच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देता है। यह धनराशि पंजीकरण कराने से लेकर बच्चों का टीकाकरण पूरा होने तक चार किस्तों में दी जाती है।
जिले में अधिकांश प्रसूताओं को प्रसव होने के बाद यह धनराशि दी जाती थी, लेकिन एक वर्ष से प्रसूताओं को इसका लाभ नहीं मिला है। जिले की 7640 प्रसूताओं को अभी तक प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का लाभ नहीं मिला है। पहली बार मां बनने वाली महिलाएं अस्पताल और सीएमओ आफिस के चक्कर काट रही हैं। एक कर्मचारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि बीते मार्च से अब तक इस योजना के लिए फूटी कौड़ी नहीं मिला है।
ऐसे में प्रसूताओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। राजगढ़ बबुरहा निवासी सुशील पटेल का बेटा डेढ़ साल का हो गया है। अब तक उनकी पत्नी को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का लाभ नहीं मिला। रानीगंज सुलतानपुर के अनिल श्रीवास्तव और शुकुलपुर की आंचल का बच्चे सात-सात माह के हो गए हैं, लेकिन इन लोगों को अभी तक पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं मिल सकी है। इनका कहना है कि अस्पताल से यह कहकर लौटा दिया जाता है कि कोरोना काल के चलते अभी बजट नहीं है।
इस मामले की जानकारी नहीं है। अगर बजट होगा तो प्रोग्राम मैनेजर से बातकर सप्ताह भर के अंदर सभी प्रसूताओं के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी। बजट न होने पर शासन को लिखापढ़ी की जाएगी।
डॉक्टर सीपी शर्मा, एसीएमओ