प्रतापगढ़। सड़कों के निर्माण में अब ठेकेदार गड़बड़झाला नहीं कर पाएंगे। सरकार ने सड़कों की गुणवत्ता सुधारने और ठेकेदारों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। अब सड़कों की गुणवत्ता देखने का कार्य अवर अभियंताओं के भरोसे नहीं रहेगा, बल्कि आईआईटी के विशेषज्ञों की टीम निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता की जांच करेगी। अगर निर्माण में गड़बड़ी मिलती है तो ठेकेदारों पर जुर्माना ठोकते हुए अपनी मौजूदगी में उसे दुरुस्त भी कराएंगे।
लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और आरईएस विभाग से होने वाली सड़कों के निर्माण में अब ठेकेदार मनमानी नहीं कर पाएंगे। शासन ने टेंडर, निर्माण और भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन करने के साथ ही अब थर्ड पार्टी से गुणवत्ता की जांच कराने का फैसला किया है। सड़कों के निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च होने और हालात जस के तस होने पर योगी सरकार ने निर्माण इकाईयों सहित ठेकेदारों पर शिकंजा कस दिया है। लोक निर्माण विभाग में आए शासन के पत्र से ठेकेदारों में खलबली मच गई है। सड़कों का निर्माण ठेकेदार कब प्रारंभ कर रहे हैं और कितने दिन में कार्य पूरा होगा। इसकी जानकारी ऑनलाइन देनी होगी। सड़कों का निर्माण प्रारंभ होते ही आईआईटी विशेषज्ञों की टीम गुणवत्ता की जांच करेगी।
मानक के अनुरूप सड़क नहीं बन रही है, तो ठेकेदार पर जुर्माना लगाने के साथ ही अपनी मौजूदगी में दुरुस्त कराएगी। आईआईटी विशेषज्ञों की टीम कब और कहां से आ रही है। इसकी जानकारी विभाग के अफसरों को भी नहीं होगी। प्रमुख अभियंता कार्यालय से जांच अधिकारियों की टीम गठित की जाएगी। हालांकि अभी बड़ी सड़कों की जांच के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड, डीपी दुबे का कहना है कि सड़कों के निर्माण में अब गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए आईआईटी विशेषज्ञों की टीम आएगी। टीम कहां से आ रही है, इसकी जानकारी किसी को नहीं होगी। इनकी रिपोर्ट के आधार पर ठेेकेदारों का भुगतान किया जाएगा।