राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 70 महिलाओं को दोना-पत्तल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। एक माह तक चले प्रशिक्षण में दोना-पत्तल बनाने से लेकर बिक्री तक की जानकारी मास्टर ट्रेनरों ने दी है। प्रशिक्षण ले चुकी महिलाओं को आजीविका मिशन से ऋण देकर कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रत्येक महिलाओं को 1.50 लाख रुपये का ऋण मुहैया कराया जाएगा। कानपुर और लखनऊ से दोना-पत्तल बनाने की मशीनें महिलाएं खरीदेंगी। अंतू के छेमरसरैया की लालती देवी ने बताया कि एक माह का बेहतर प्रशिक्षण मिला है। अब कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रही हूं। पट्टी के गोलापुर की रानी पाल ने बताया कि कम लागत में अधिक कमाई कैसे की जाए ये बातें प्रशिक्षण में बताई गईं।