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एरियर भुगतान के नाम पर पांच-पांच सौ रुपये की वसूली

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बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक और अध्यापिकाओं से एरियर भुगतान के नाम पर पांच-पांच सौ रुपये की वसूली की जा रही है। ब्लाकों में तैयार हो रहे बिल में व्यापक खेल किया जा रहा है। करीबियों से मोटी रकम लेकर एक साल में दो-दो वेतन वृद्धि दे दी जा रही है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों और कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के तहत अनुमन्य वेतन भुगतान के लिए एक जनवरी से दिसंबर 2016 तक का एरियर भुगतान के लिए ब्लॉकों में बिल तैयार किया जा रहा है। शिक्षक-शिक्षिकाओं से एरियर बिल बनाने के लिए जहां पांच-पांच रुपये की वसूली की जा रही है, वहीं चहेते अध्यापकों को फर्जी वार्षिक वेतन वृद्धि दिखाकर एरियर की राशि बढ़ाई जा रही है। लेखा विभाग के नाम पर हो रही वसूली से विभागीय अधिकारी भले ही अंजान हैं, मगर कर्मचारियों ने साफ तौर पर कह रखा है कि अगर एरियर बिल के साथ सुविधा शुल्क लेकर नहीं आए, तो भुगतान नहीं होगा। फिलहाल जिले के 17 ब्लाकों में इन दिनों एरियर के नाम पर व्यापक वसूली हो रही है। अधिकांश ब्लाकों में चहेतों को एरियर की मोटी रकम दिलाने के लिए एक वर्ष में दो-दो वार्षिक वेतन वृद्धि लगाई जा रही है। वित्त एवं लेखाधिकारी रमेश सिंह ने सुविधा शुल्क वसूली की जानकारी से इंकार करते हुए कहा है कि मामले की जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाएगा।
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