चिलबिला स्टोर से गांवों में गए 25 केवीए के 55 नए ट्रांसफार्मर एक सप्ताह भी नहीं चले और फुंक गए। दूसरा ट्रांसफार्मर लेने पहुंचे किसानों को स्टोर के कर्मचारी कमी का बहाना बताकर खेल करने में लग गए हैं। ट्रांसफार्मर न मिलने से खेतों की सिंचाई बाधित हो रही है। गांव में अंधेरा छाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी थी। उधर, कर्मचारी दावा कर रहे हैं कि लोड अधिक होने से ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं।
ट्रांसफार्मर की किल्लत झेल रहे जिले के किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है। अगर ट्रांसफार्मर आ भी जाता है तो किसानों को नहीं मिल पाता है। आरोप है कि जो लोग पैसा देते हैं उन्हीं को ट्रांसफार्मर मिलता है। पता चला है कि पिछले एक सप्ताह से जिले के कई गांव जैसे पुरैला, प्रजापतिपुर, बिसहुला समेत कई गांवों में 25 केवीए के 55 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं।
इसके लिए किसान रोज चिलबिला स्टोर आ रहे हैं। मगर उनको निराश होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि स्टोर में ट्रांसफार्मर है, मगर कर्मचारी कमी का बहाना बताकर उनको टाल दे रहे हैं। ट्रांसफार्मर लेने आए रामसुख, विनोद सिंह का कहना है कि वे एक सप्ताह पहले चिलबिला से 25 केवीए का नया ट्रांसफार्मर लेेकर गए थे मगर वह फुंक गया। दूसरा लेने आये हैं तो कर्मचारी बता रहे हैं कि अब ट्रांसफार्मर नहीं है।
जबकि जो लोग पैसा दे रहे हैं उनको ट्रांसफार्मर दे दिया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि नया बताकर गड़बड़ ट्रांसफार्मर दिया जा रहा है। इसकी शिकायत एई स्टोर से की गई है, मगर वे उनकी सुन नहीं रहे हैं। लोग उनको अपनी समस्या बताने के लिये जब भी फोन करते हैं वह डायवर्ट रहता है। इस बात से एक्सईएन स्टोर तारिक जमील भी इत्तेफाक रखते हैं। उन्होंने बताया कि एई की शिकायतें मिल रही है। उनको समझाया जायेगा। जहां तक ट्रांसफार्मर का सवाल उसकी समस्या बनी हुई है।