कान्वेंट स्कूलों की नकल करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने एक अप्रैल से स्कूलों का समय बदलकर 9 से 3 बजे करने का फैसला किया है। भीषण गर्मी में विभाग ने समय बदलने का तो फैसला कर लिया मगर 523 स्कूल ऐसे हैं, जहां अभी तक बिजली ही नहीं पहुंची है। पंखा और कूलर लगाने की बात दूर की है। भीषण गर्मी से बचने के लिए अधिकारियों ने अभी तक कोई पहल नहीं की है।
कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले शिक्षासत्र बदला और अब स्कूल समय बदलने का निर्णय लिया है। शिक्षा निदेशक बेसिक की ओर से जारी पत्र में एक अप्रैल से जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में सुबह 9 बजे से तीन बजे तक पढ़ाई होगी। सवाल यह उठता है कि एसी में रहने वाले अधिकारियों ने यह फैसला तो कर लिया, मगर क्या वास्तविक रूप में विभाग का यह फार्मूला सफल हो पाएगा। जिले के 523 स्कूल ऐसे हैं, जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची है और पंखे की बात न की जाय, तो बेहतर होगा। विभाग ने स्कूलों में पंखा लगाने के लिए धनराशि तो जारी की, मगर शायद ही कोई स्कूल ऐसा होगा जहां पंखे हुए हैं। बीएसए एसटी हुसैन ने बताया कि एक अप्रैल से सभी स्कूलों का समय बदलने आदेश आया है। शीर्ष अधिकारियों के फैसले को लागू कराना हमारा कर्तव्य है।