सीएचसी-पीएचसी पर एंटीरैबिज इंजेक्शन का टोटा, मरीज परेशान
जिला अस्पताल में लग रही भीड़, इंजेक्शन लगवाने को लेकर मारामारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। सीएचसी-पीएचसी पर एंटीरैबिज इंजेक्शन का टोटा हो गया है। इससे ग्रामीण इलाकों के लोग परेशान हैं। कुत्ता के काटने के बाद लोगों को एंटीरैबिज इंजेक्शन लगवाने के लिए जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीजों की भीड़ लग रही है।
जनपद में 29 सीएचसी और 56 पीएचसी के साथ जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का संचालन हो रहा है। इनमें से जिला अस्पताल को छोड़ दिया जाए तो एक भी सीएचसी और पीएचसी पर एंटीरैबिज के इंजेक्शन नहीं है। इससे जिन लोगों को कुत्ते काट ले रहे हैं उन्हें इंजेक्शन लगवाने के लिए जिला अस्पताल का चक्कर काटना पड़ रहा है। सीएचसी और पीएचसी पर इंजेक्शन न होने के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है।
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बाहर से खरीदना पड़ रहा इंजेक्शन
कुत्ते के काटने से पीड़ित मरीज को 24 घंटे के अंदर टीटी का इंजेक्शन लगवाना पड़ता है। यह इंजेक्शन बाजार में 10 रुपये में बिकता है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लगाने के लिए मुफ्त में इंजेक्शन आता है। मगर जिला अस्पताल में खत्म हो गया है। मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। इस ओर सीएमएस और सीएमओ का ध्यान नहीं पड़ रहा है।
वर्जन-------
एंटी रैबिज इंजेक्शन की मांग की गई है। दो से तीन दिनों के अंदर इंजेक्शन आ जाएगा। रही बात सिरिंज और टीटी का इंजेक्शन बाहर से खरीदने की तो इसकी जांच कराई जाएगी।
अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।